सहायक कृषि विस्तार अधिकारी परीक्षा में देरी पर उठे सवाल : रतलाम के सृजन कॉलेज में 2:30 बजे की परीक्षा शाम 5:30 बजे शुरू होने का दावा : पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने मांगी स्वतंत्र जांच

सकलेचा ने कहा कि यदि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार हुई है तो प्रत्येक केंद्र का वास्तविक परीक्षा प्रारंभ एवं समाप्ति समय सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

Sep 23, 2026 - 12:18
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सहायक कृषि विस्तार अधिकारी परीक्षा में देरी पर उठे सवाल : रतलाम के सृजन कॉलेज में 2:30 बजे की परीक्षा शाम 5:30 बजे शुरू होने का दावा : पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने मांगी स्वतंत्र जांच

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़)  मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की ओर से 17 और 18 सितंबर को आयोजित सहायक कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा के संचालन को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। पूर्व विधायक एवं व्यापम व्हिसलब्लोअर पारस सकलेचा ने आरोप लगाया है कि 17 सितंबर की दूसरी पाली में दोपहर 2:30 बजे निर्धारित परीक्षा रतलाम के सृजन कॉलेज केंद्र पर करीब तीन घंटे की देरी से शाम 5:30 बजे शुरू हुई। उन्होंने इस दौरान कुछ परीक्षार्थियों के केंद्र से बाहर जाने और बाद में परीक्षा शुरू होने के समय वापस आने का दावा भी किया है।

सकलेचा ने कहा कि एक ही भर्ती परीक्षा के अलग-अलग केंद्रों पर निर्धारित समय में इतना अंतर परीक्षा की पारदर्शिता और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कर्मचारी चयन मंडल से मांग की कि रतलाम में परीक्षा समय पर शुरू क्यों नहीं हुई, देरी का वास्तविक कारण क्या था और इस दौरान परीक्षार्थियों की आवाजाही पर किस तरह निगरानी रखी गई, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

लॉग और सीसीटीवी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग

सकलेचा ने कहा कि यदि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार हुई है तो प्रत्येक केंद्र का वास्तविक परीक्षा प्रारंभ एवं समाप्ति समय सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही सर्वर लॉग, लॉग-इन रिकॉर्ड, बायोमेट्रिक जानकारी और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखते हुए जांच में शामिल किया जाए।

उन्होंने विशेष रूप से रतलाम के सृजन कॉलेज केंद्र पर हुई कथित देरी की स्वतंत्र जांच कराने और देरी के दौरान केंद्र से बाहर गए तथा बाद में परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड की जांच की मांग की है।

परीक्षा संचालन कंपनी को लेकर भी सवाल

सकलेचा ने परीक्षा संचालन के लिए चयनित कंपनी पर भी सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार दिसंबर 2024 से ऑनलाइन परीक्षाओं के संचालन का काम एप्टेक कंपनी को करीब 260 रुपए प्रति परीक्षार्थी की दर से दिया गया, जबकि इससे पहले यह कार्य करीब 170 रुपए प्रति परीक्षार्थी की दर से कराया जाता था। उन्होंने दावा किया कि संबंधित कंपनी को जम्मू-कश्मीर सहित कुछ अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्ट किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

करीब 35 हजार अभ्यर्थियों ने किए थे आवेदन

सकलेचा के मुताबिक कृषि विभाग की इस भर्ती परीक्षा में 2,784 पद हैं। परीक्षा में 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्न थे और प्रत्येक पाली के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित था। करीब 35 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जबकि लगभग 23 हजार अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की जानकारी है। परीक्षा 17 सितंबर को दो पालियों और 18 सितंबर को एक पाली में आयोजित की गई।

उन्होंने कहा कि यदि किसी केंद्र पर निर्धारित समय से कई घंटे बाद परीक्षा शुरू हुई है तो यह केवल तकनीकी या प्रशासनिक देरी का मामला नहीं रह जाता। इससे प्रश्नपत्र की गोपनीयता, अभ्यर्थियों की समान परिस्थितियों और परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठते हैं।

पूर्व की कृषि भर्ती परीक्षाओं का भी हवाला

सकलेचा ने वर्ष 2021 में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, समूह-2 उपसमूह-4 और समूह-5 भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में परीक्षाएं निरस्त कर साइबर पुलिस को जांच के लिए प्रकरण सौंपे गए थे। उन्होंने सरकार और कर्मचारी चयन मंडल से इन मामलों की जांच की वर्तमान स्थिति और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की।

सकलेचा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं। इसलिए सहायक कृषि विस्तार अधिकारी परीक्षा में सामने आई समय संबंधी विसंगति को स्पष्ट करना जरूरी है। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों के वास्तविक प्रारंभ और समाप्ति समय सार्वजनिक करने, संबंधित तकनीकी एवं बायोमेट्रिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने तथा पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.