राज्य सभा चुनाव : कैलाश विजयवर्गीय के नाम पर अटकलें थमीं : कई नेताओं की उम्मीदों को झटका
राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि विजयवर्गीय का नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं होने से उन नेताओं की उम्मीदों को झटका लगा है, जो उनके राज्यसभा जाने की संभावनाएं देख रहे थे।
भोपाल (प्रकाशभारत न्यूज़) मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित होने के साथ ही कई दिनों से चल रही राजनीतिक अटकलों पर विराम लग गया है। सूत्रों के अनुसार सत्ता और संगठन स्तर पर कुछ नेता नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को राज्यसभा भेजे जाने के पक्ष में सक्रिय बताए जा रहे थे। माना जा रहा था कि यदि ऐसा होता है तो प्रदेश सरकार में विभागीय फेरबदल के नए रास्ते खुल सकते थे।
राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि विजयवर्गीय का नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं होने से उन नेताओं की उम्मीदों को झटका लगा है, जो उनके राज्यसभा जाने की संभावनाएं देख रहे थे। इसी के साथ नगरीय प्रशासन विभाग को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी फिलहाल विराम लग गया है।
सियासी गलियारों में यह चर्चा भी लंबे समय से चल रही थी कि प्रदेश के एक मंत्री इस महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद लगाए हुए थे। सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में विभिन्न स्तरों पर प्रयास भी किए गए और समर्थकों के बीच जल्द विभाग मिलने के दावे तक किए जाते रहे। हालांकि राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ऐसे सभी कयास फिलहाल अधूरे नजर आ रहे हैं।
राजनीति में परिस्थितियां कब और कैसे बदल जाएं, इसका अनुमान लगाना आसान नहीं होता। एक समय जो समीकरण लगभग तय माने जा रहे थे, वे कुछ ही दिनों में बदल गए। यही कारण है कि अब राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और निगाहें आने वाले समय पर टिक गई हैं।
फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव ने केवल उम्मीदवारों की तस्वीर ही साफ नहीं की है, बल्कि सत्ता और संगठन के भीतर चल रहे कई समीकरणों को भी नई दिशा दे दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में ऊंट किस करवट बैठता है और यह घटनाक्रम प्रदेश की राजनीति में कोई नया मोड़ लेकर आता है या नहीं।
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