रतलाम : खेत में उगा रखा था गांजे का बगीचा: पुलिस ने 127 पौधे किए जब्त : 17 किलो से ज्यादा गांजा बरामद : दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने खेत की तलाशी ली तो कपास और मक्का की फसल के बीच अलग-अलग स्थानों पर गांजे के हरे पौधे मिले। पंचों की मौजूदगी में पौधों की गिनती और जब्ती की कार्रवाई की गई। कुल 127 पौधे, जिनका वजन 17.025 किलोग्राम था, जब्त किए गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपए आंकी गई है।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) खेत में कपास और मक्का की फसल के बीच छिपाकर गांजे की अवैध खेती की जा रही थी। मुखबिर से मिली सूचना पर शिवगढ़ पुलिस ने ग्राम जाम्बुकुड़ी में दबिश देकर गांजे के 127 हरे पौधे जब्त किए। इनका कुल वजन 17.025 किलोग्राम और अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी और बिक्री के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 9 अक्टूबर को शिवगढ़ पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम जाम्बुकुड़ी निवासी प्रभुलाल पारगी ने अपने खेत में गांजे के पौधे उगा रखे हैं। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दबिश दी।
पुलिस को देखकर भागने की कोशिश, दोनों पकड़े गए
पुलिस के अनुसार, खेत में दो व्यक्ति काम करते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान प्रभुलाल पिता रखमा पारगी (35), निवासी ग्राम जाम्बुकुड़ी तथा प्रकाश पिता विश्राम देवधा (29), निवासी मनासा, थाना शिवगढ़, हाल मुकाम ग्राम जाम्बुकुड़ी के रूप में हुई।
फसल के बीच अलग-अलग जगह लगाए थे पौधे
पुलिस ने खेत की तलाशी ली तो कपास और मक्का की फसल के बीच अलग-अलग स्थानों पर गांजे के हरे पौधे मिले। पंचों की मौजूदगी में पौधों की गिनती और जब्ती की कार्रवाई की गई। कुल 127 पौधे, जिनका वजन 17.025 किलोग्राम था, जब्त किए गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपए आंकी गई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले में गांजे की अवैध खेती से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी शिवगढ़ निरीक्षक लिलियन मालवीय, उपनिरीक्षक प्रतापसिंह भदोरिया, उपनिरीक्षक अजमेरसिंह भुरिया, प्रधान आरक्षक जितेन्द्रपालसिंह राठौर, विक्रमसिंह घोसरे, रघुवीर सिंह तथा आरक्षक अनिल सूर्यवंशी, मनीष खराड़ी और महिला आरक्षक सावित्री मकवाने एवं रेणु डावर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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