बेखौफ बदमाशों की दहशत : एसपी से न्याय मांगना पड़ा भारी,: पीड़ितों को पुलिस ने ही किया लॉकअप में बंद
दहशतगर्दी ऐसी कि जानलेवा हमले के बाद बदमाश पहुंचे घायल के भाई को धमकाने, परिजनों ने एसपी को सौंपे सीसीटीवी फुटेज
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) तीन दिन पूर्व रतलाम के बरबड़ क्षेत्र में दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश के चलते विवाद में खूनी संघर्ष के बाद पुलिस द्वारा सुनवाई नहीं करने का मामला जनसुनवाई में एसपी अमित कुमार के पास पहुंच चुका है। खास बात यह है कि पीडि़त पक्ष रतलाम एसपी कुमार से बदमाशों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आश्वासन लेकर घर पहुंचे ही थे कि उल्टा थाने से पुलिसकर्मी उनके घर जा धमके। यहां से पीडि़त पक्ष के दो युवकों को उठाकर थाने ले आए और लॉकअप में बंद कर दिया। काफी मान-मनुहार के बाद दोनों युवकों को थाने के पुलिसकर्मियों ने वापस एसपी कुमार के पास नहीं जाने की हिदायत देते हुए थाने से रवाना कर दिया।
बता दें कि 27 सितंबर-2025 को औद्योगिक थाना अंतर्गत बरबड़ क्षेत्र में रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ था। इसमें एक आरोपी पक्ष कान्हा पिता पूनमचंद जाट निवासी बरबड़ रोड, चंदाबाई जाट और दिव्या जाट सहित अन्य आरोपियों ने अभय जाट की दुकान पर पहुंचकर पहले विवाद शुरू किया। अभय जाट का बुआ का लडक़ा मनीष जाट सामने ही चाय की दुकान संचालित करता है। विवाद बढ़ता देख जब वह बीच-बचाव करने पहुंचा तो आरोपियों ने उसके सिर पर तलवार और फावड़े से जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान अभय जाट की गर्भवती बहन भूमिका पति कमलेश जाट मौके पर पहुंची तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट करते हुए पेट पर लाते मारना शुरू कर दिया। विवाद बढऩे के दौरान आसपास के रहवासियों और राहगीरों ने बीच-बचाव किया। औद्योगिक थाने पर मामले में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई कुछ ऐसी हुई कि पीडि़त पक्ष की ओर से मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई से इतिश्री कर ली गई, जबकि आरोपी पक्ष की ओर से अतिरिक्त धाराओं में पीडि़त पक्ष के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया।
घायल के बयान लेने तक नहीं पहुंची पुलिस
तीन दिन पूर्व विवाद में गंभीर घायल मनीष जाट वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। इनके साथ ही गर्भवती महिला भूमिका पति कमलेश जाट भी भर्ती है। लेकिन औद्योगिक क्षेत्र के पुलिसकर्मियों द्वारा अब तक मामले में भर्ती घायल भाई-बहनों के बयान लेना तक मुनासिब नहीं समझा। इधर आरोपी कान्हा पिता पूनमचंद जाट की तरफ से पीडि़त पक्ष को धमकाने के लिए बदमाश क्षेत्र में दहशत का माहौल निर्मित कर रहे हैं। सोमवार शाम को हमले में घायल मनीष जाट के भाई को धमकाने एक बदमाश पहुंचा। उक्त बदमाश के धमकाने और चाकू लहराने का सीसीटीवी मंगलवार को पीडि़त पक्ष ने जनसुनवाई में एसपी कुमार को शिकायत के साथ पेश भी किया।
एसपी से मिलने के बाद पुलिसकर्मियों की दादागिरी
पीडि़त पक्ष की ओर से अभय जाट ने बताया कि मंगलवार को पूरे मामले में वरिष्ठ अधिकारी एसपी अमित कुमार के पास जनसुनवाई में शिकायत करने हम पहुंचे थे। एसपी कुमार ने शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर औद्योगिक थाने पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश हमारे सामने जारी भी किए थे। एसपी कुमार के आश्वासन मिलने के बाद अभय अपने भाई राजेश जाट के साथ बरबड़ रोड स्थित घर पहुंचा ही था कि कुछ ही मिनटों में उनके घर पुलिसकर्मी दो पहिया वाहन से पहुंचे और हंगामा करते हुए उन दोनों को बदमाशों की तरह उठाकर थाने ले गए। थाने ले जाने के बाद दोनों से बातचीत किए बगैर गाली-गलौच करते हुए लॉकअप में बंद कर दिया। काफी देर तक दोनों पीडि़त युवकों ने काफी मान-मनुहार की। इसके बाद उन्हें लॉकअप से यह धमकी देते हुए पुलिसकर्मियों ने बाहर निकाला कि अब दोबारा एसपी के पास गए तो तुम्हें छोड़ेंगे नहीं।
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