रतलाम : भ्रष्टाचार से नाराज़ रावण ने भी जलने से किया इनकार : कांग्रेस ने महापौर-नगर विधायक पर साधा निशाना, भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम में हर काम—चाहे सीवरेज, जलप्रदाय योजना हो या सड़क निर्माण—50% से अधिक भ्रष्टाचार से हो रहे हैं। यहाँ तक कि 50-60 हज़ार की लागत का रावण पुतला 3 लाख में बनवाया गया।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) दशहरे पर रावण दहन तीन बार प्रयास करने के बाद भी नहीं हो सका। इस घटना को लेकर शहर कांग्रेस ने नगर निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा करार देते हुए महापौर से इस्तीफ़े और विधायक से जनता से माफ़ी की मांग की।
कांग्रेसजनों ने शहर अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा के नेतृत्व में नायब तहसीलदार रामचंद्र पांडे को संभागायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि रावण का न जलना भ्रष्टाचार और प्रशासन की लापरवाही का जीवंत उदाहरण है, जो भविष्य में अशुभ घटनाओं का संकेत है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम में हर काम—चाहे सीवरेज, जलप्रदाय योजना हो या सड़क निर्माण—50% से अधिक भ्रष्टाचार से हो रहे हैं। यहाँ तक कि 50-60 हज़ार की लागत का रावण पुतला 3 लाख में बनवाया गया।
पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने कहा, “नगर निगम के भ्रष्टाचार से दुखी होकर रावण ने भी जलने से इनकार कर दिया। भगवान भी कभी-कभी अहंकारियों को चेतावनी देते हैं।” वहीं पूर्व शहर अध्यक्ष महेंद्र कटारिया ने सवाल उठाया कि रावण दहन के वक्त विधायक, महापौर और भाजपा पार्षद मौके से गायब क्यों रहे।
कांग्रेस ने इसे धार्मिक आस्था पर चोट बताते हुए मांग की कि महापौर इस्तीफ़ा दें और विधायक जनता से माफी माँगें। कार्यक्रम में नगर निगम उपनेता कमरुद्दीन कछवाया, यास्मीन शैरानी, राजीव रावत, रजनीकांत व्यास सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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