फेसबुक पर शेयर मार्केट निवेश का झांसा : निवेश के नाम पर 10 लाख से अधिक की साइबर ठगी
शिकायत मिलते ही साइबर सेल ने मामला राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज कर संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाई। त्वरित कार्रवाई के चलते ठगों के खातों में पहुंची ₹5 लाख से अधिक की राशि होल्ड करवा दी गई, जिससे रकम आगे ट्रांसफर होने से बच गई।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) शेयर मार्केट में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर की गई 10 लाख से अधिक की साइबर ठगी के मामले में रतलाम पुलिस की साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के 5,04,126 सुरक्षित करवा लिए हैं।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में साइबर सेल लगातार साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में 12 मार्च 2026 को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि फेसबुक पर मिले एक लिंक के माध्यम से उसे शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। आरोपियों के झांसे में आकर उसने 27 फरवरी से 12 मार्च के बीच अलग-अलग किश्तों में 10 लाख से अधिक की राशि निवेश कर दी। जब उसने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो एप बंद हो गई और ठगी का पता चला।
शिकायत मिलते ही साइबर सेल ने मामला राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज कर संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाई। त्वरित कार्रवाई के चलते ठगों के खातों में पहुंची ₹5 लाख से अधिक की राशि होल्ड करवा दी गई, जिससे रकम आगे ट्रांसफर होने से बच गई।
इसके बाद पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में राशि वापस दिलाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय ने 5,04,126 लौटाने के आदेश जारी किए हैं। आदेश के पालन में अब तक 2,68,907 पीड़ित के खाते में जमा हो चुके हैं, जबकि शेष राशि भी जल्द रिफंड की जाएगी।
रतलाम पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक साइबर ठगी के मामलों में 86.28 लाख से अधिक की राशि होल्ड करवाई जा चुकी है। इनमें से 20.23 लाख से अधिक की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई जा चुकी है, जबकि शेष मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इस कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक जीवन बारिया, प्रधान आरक्षक हिम्मत सिंह, आरक्षक मोरसिंह और आरक्षक राहुल पाटीदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर शेयर मार्केट, ट्रेडिंग या निवेश के नाम पर आने वाले अनजान लिंक और आकर्षक ऑफरों से सावधान रहें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर पुलिस से संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर राशि सुरक्षित कराई जा सके।
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