दो बत्ती चौपाटी विवाद में भाजपा मे ही दरार : पूर्व जिला महामंत्री निर्मल कटारिया बोले- एमपी-43 पर पहला हक दुकानदारों का

इसी मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता निर्मल कटारिया ने फेसबुक पोस्ट में सवाल उठाते हुए लिखा कि यदि दो बत्ती स्थित हॉकर्स जोन से हटाए गए गरीब दुकानदारों को स्थापित करना ही है, तो उन्हें सुभाष कॉम्प्लेक्स परिसर में किराए की दुकान देने की जरूरत क्यों है? एमपी-43 इन्हीं दुकानदारों के लिए बनाया गया था, तो वहां भी इन्हीं लोगों को किराए पर दुकानें दी जा सकती हैं।

Aug 21, 2026 - 13:02
Aug 21, 2026 - 13:39
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दो बत्ती चौपाटी विवाद में भाजपा मे ही दरार : पूर्व जिला महामंत्री निर्मल कटारिया बोले- एमपी-43 पर पहला हक दुकानदारों का

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) दो बत्ती चौपाटी को लेकर चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। एक ओर कांग्रेस लगातार महापौर के फैसले पर सवाल उठा रही है, वहीं अब महापौर को अपनी ही पार्टी भाजपा के भीतर से भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला उपाध्यक्ष निर्मल कटारिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चौपाटी के दुकानदारों के पक्ष में अपनी बात खुलकर रखी है।

बताया जा रहा है कि एमपी-43 चौपाटी का निर्माण इन्हीं दुकानदारों को व्यवस्थित रूप से स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया था। आरोप है कि निर्माण के दौरान महापौर ने दुकानदारों को भरोसा दिलाया था कि उन्हें यहीं स्थापित किया जाएगा। भूमिपूजन के समय दुकानदारों ने महापौर का स्वागत भी किया था।

हालांकि, अब एमपी-43 के तैयार होने के बाद दुकानदारों को वहां स्थापित करने के बजाय सिविल सेंटर अथवा सुभाष मार्केट परिसर में दुकानें देने का विकल्प सामने आने से विवाद गहरा गया है।

इसी मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता निर्मल कटारिया ने फेसबुक पोस्ट में सवाल उठाते हुए लिखा कि यदि दो बत्ती स्थित हॉकर्स जोन से हटाए गए गरीब दुकानदारों को स्थापित करना ही है, तो उन्हें सुभाष कॉम्प्लेक्स परिसर में किराए की दुकान देने की जरूरत क्यों है? एमपी-43 इन्हीं दुकानदारों के लिए बनाया गया था, तो वहां भी इन्हीं लोगों को किराए पर दुकानें दी जा सकती हैं।

कटारिया ने चर्चा में कहा कि जब शहर में नगर निगम के अन्य मार्केट किराए पर दिए गए हैं, तो फिर चौपाटी के दुकानदारों को उस एमपी-43 में दुकानें क्यों नहीं दी जानी चाहिए, जो मूल रूप से इन्हीं लोगों को व्यवस्थित करने के लिए बनाया गया था।

अब भाजपा के भीतर भी उठे सवाल

महापौर के फैसले को लेकर पहले से विपक्ष हमलावर है। अब भाजपा के वरिष्ठ नेता द्वारा दुकानदारों के पक्ष में सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। इसे महापौर के निर्णय के खिलाफ पार्टी के भीतर से उठी महत्वपूर्ण आवाज के रूप में देखा जा रहा है।

अब सवाल यह है कि आने वाले दिनों में संगठन के भीतर से विरोध के स्वर और तेज होंगे या मामला आपसी सहमति से शांत हो जाएगा। सबसे बड़ा सवाल दुकानदारों के सामने भी यही है कि जिस एमपी-43 को उनके पुनर्वास के लिए तैयार किया गया था, आखिर वहां उनका हक मिलेगा या उन्हें किसी दूसरे स्थान पर भेज दिया जाएगा?

फिलहाल दो बत्ती चौपाटी का यह विवाद रतलाम की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी राजनीतिक रंग देखने को मिल सकता है।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.