रद्द हुई NEET परीक्षा से नहीं टूटा हौसला : दोबारा मेहनत कर 594 अंक किए हासिल : राजवीर सिंह ने डॉक्टर बनने का सपना किया साकार
राजवीर के पिता जितेंद्र सिंह सामान्य परिवार से हैं। उनका सपना था कि बेटा डॉक्टर बने। राजवीर ने भी पिता के इस सपने को अपना लक्ष्य बनाया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार मेहनत जारी रखी।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) शहर के होनहार विद्यार्थी राजवीर सिंह सोलंकी ने NEET-2026 में 594 अंक हासिल कर पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त की है। खास बात यह है कि राजवीर अपने परिवार के पहले डॉक्टर बनने जा रहे हैं। उनकी सफलता ने न केवल परिवार का सपना पूरा किया, बल्कि परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा मेहनत कर सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा पेश की है।
राजवीर के पिता जितेंद्र सिंह सामान्य परिवार से हैं। उनका सपना था कि बेटा डॉक्टर बने। राजवीर ने भी पिता के इस सपने को अपना लक्ष्य बनाया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार मेहनत जारी रखी।
राजवीर ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. राकेश कुमावत और पूरी फैकल्टी टीम को दिया। उनकी सफलता पर संस्थान की ओर से राजवीर और उनके परिवार का पुष्पमाला पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर सम्मान किया गया। इस दौरान संस्थान के शिक्षकों ने राजवीर को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
परीक्षा रद्द होने के बाद फिर जुटे तैयारी में
राजवीर की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि 3 मई को आयोजित पहली NEET परीक्षा के बाद उन्हें 680 से अधिक अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया। एक समय ऐसा लगा कि महीनों की मेहनत व्यर्थ हो गई। इसके बावजूद राजवीर ने हार नहीं मानी और खुद को संभालते हुए दोबारा पूरी लगन से तैयारी शुरू की।
उन्होंने लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ दोबारा परीक्षा की तैयारी की और Re-NEET में 594 अंक हासिल कर डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर मजबूत कदम बढ़ाया।
राजवीर का कहना है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और सही मार्गदर्शन मिले तो सफलता हासिल की जा सकती है। उनका संदेश है कि असली विजेता वही होता है, जो मुश्किलों के बाद भी दोबारा उठकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता रहे।
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