गांधीनगर में घरों से सटी 11 केवी लाइन की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत : वर्षों से शिकायतों के बावजूद नहीं जागा विद्युत विभाग

क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती भावना हितेश पेमाल द्वारा चांदमारी से लेकर मीराकुटी तक घरों से सटी 11 केवी हाईटेंशन लाइन को लेकर संबंधित अधिकारियों को लगातार पत्राचार किया गया। बताया गया है कि इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।

Sep 20, 2026 - 13:51
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गांधीनगर में घरों से सटी 11 केवी लाइन की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत : वर्षों से शिकायतों के बावजूद नहीं जागा विद्युत विभाग

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) जिस खतरे की चेतावनी वर्षों से दी जा रही थी, आखिर वही खतरा एक 17 वर्षीय युवक की जिंदगी निगल गया। गांधीनगर क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 1 स्थित राधाकृष्ण मंदिर क्षेत्र में घरों के बेहद करीब से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से नीमच निवासी युवक युवराज सिंह राठौड़, पिता शैलेंद्र सिंह, उम्र 17 वर्ष की दर्दनाक मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार युवराज अपने रिश्तेदार के घर आया हुआ था। बीती रात वह घर की छत पर टहलने गया। इसी दौरान घर के पास से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। गंभीर विद्युत हादसे के बाद परिजन उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

वर्षों से उठ रहा था खतरे का मुद्दा, फिर भी नहीं जागा विभाग

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब विद्युत लाइन की खतरनाक स्थिति को लेकर वर्षों से शिकायतें की जा रही थीं, तो जिम्मेदार विभाग ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की?

क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती भावना हितेश पेमाल द्वारा चांदमारी से लेकर मीराकुटी तक घरों से सटी 11 केवी हाईटेंशन लाइन को लेकर संबंधित अधिकारियों को लगातार पत्राचार किया गया। बताया गया है कि इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।

शिकायतों में कथित तौर पर इस खतरे की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए यह भी कहा गया था कि यदि भविष्य में कोई दुर्घटना होती है तो इसके लिए संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

इसके बावजूद शिकायतों के बाद कार्रवाई के बजाय आश्वासनों का सिलसिला चलता रहा और हाईटेंशन लाइन का खतरा वहीं बना रहा। अब उसी खतरे ने एक परिवार का 17 वर्षीय बेटा छीन लिया।

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं—अब जवाबदेही किसकी?

घटना ने विद्युत मंडल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब आबादी वाले क्षेत्र में 11 केवी लाइन को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं, तो सुरक्षा के ठोस इंतजाम क्यों नहीं किए गए?

क्या संबंधित अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से लिया था?

क्या मौके का तकनीकी निरीक्षण किया गया था?

क्या हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित दूरी पर ले जाने या अन्य सुरक्षा उपायों की कोई कार्रवाई की गई?

और सबसे बड़ा सवाल—अगर खतरे की जानकारी पहले से थी, तो दुर्घटना होने का इंतजार क्यों किया गया?

एक परिवार अपने 17 वर्षीय बेटे को खो चुका है। अब हादसे के बाद केवल जांच और आश्वासन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही तय किए जाने की मांग उठना स्वाभाविक है।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.