आस्था के नाम पर फोरलेन क्यों जाम? राम मंदिर से अलकापुरी तक सड़क पर आयोजनों पर रोक की मांग : एम्बुलेंस तक फंसती है जाम में : पार्षद ने जिलाधीश- एसपी को लिखा पत्र

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इस क्षेत्र में पहले से ही यातायात व्यवस्था बदहाल है और आए दिन जाम की स्थिति बनती है, तो मुख्य फोरलेन मार्ग पर धार्मिक आयोजन, पंडाल, मंच और गरबा जैसे कार्यक्रमों की अनुमति आखिर क्यों दी जाती है?

Sep 3, 2026 - 09:50
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आस्था के नाम पर फोरलेन क्यों जाम? राम मंदिर से अलकापुरी तक सड़क पर आयोजनों पर रोक की मांग : एम्बुलेंस तक फंसती है जाम में : पार्षद ने जिलाधीश- एसपी को लिखा पत्र

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) शहर के पटरी पार क्षेत्र में जाम अब आम बात बन चुका है। मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग होमों के कारण यह मार्ग मरीजों और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद राम मंदिर से अलकापुरी चौराहे तक के पहले से व्यस्त फोरलेन को बार-बार धार्मिक आयोजनों का स्थल बना दिया जाता है। सड़क पर पंडाल, मंच और गरबा की अनुमति के बाद यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है और जाम में आम लोगों के साथ एम्बुलेंस तक फंसने की नौबत आ जाती है। सवाल यह है कि जब प्रशासन और पुलिस खुद इस मार्ग के यातायात दबाव से वाकिफ हैं, तब आखिरकार फोरलेन को आयोजनों के लिए मंजूरी क्यों दी जा रही है? अब इसी गंभीर समस्या को लेकर जवाहर नगर की पार्षद श्रीमती आशा राजीव रावत ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मुख्य सड़क पर आयोजनों पर रोक लगाने की मांग की है।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इस क्षेत्र में पहले से ही यातायात व्यवस्था बदहाल है और आए दिन जाम की स्थिति बनती है, तो मुख्य फोरलेन मार्ग पर धार्मिक आयोजन, पंडाल, मंच और गरबा जैसे कार्यक्रमों की अनुमति आखिर क्यों दी जाती है?

जवाहर नगर क्षेत्र की पार्षद श्रीमती आशा राजीव रावत ने इस गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मुख्य फोरलेन मार्ग पर होने वाले आयोजनों पर रोक लगाने की मांग की है।

पार्षद ने अपने पत्र में कहा है कि सैलाना रोड स्थित राम मंदिर से लेकर अलकापुरी चौराहे तक का मुख्य फोरलेन मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण एवं व्यस्त मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के अलावा यात्री वाहन, स्कूल वाहन, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन एवं अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन आवागमन करते हैं।

आस्था का सम्मान, लेकिन सड़क नहीं बने आयोजन स्थल

पार्षद ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के प्रति नागरिकों की आस्था और भावनाओं का पूरा सम्मान है, लेकिन मुख्य फोरलेन मार्ग को आयोजन स्थल बनाने से उत्पन्न होने वाली यातायात एवं जनसुरक्षा संबंधी समस्याओं का स्थायी और व्यावहारिक समाधान किया जाना आवश्यक है।

हर वर्ष जन्माष्टमी, श्री गणेश चतुर्थी और नवरात्रि जैसे पर्वों पर मुख्य फोरलेन मार्ग पर धार्मिक पंडाल, मंच और गरबा रास जैसे आयोजन किए जाते हैं। इन आयोजनों के दौरान सड़क का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित होने से यातायात बाधित होता है और लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रहती है।

एम्बुलेंस तक जाम में फंसने की आशंका

सबसे गंभीर बात यह है कि इस मार्ग पर मेडिकल कॉलेज और कई नर्सिंग होम स्थित हैं। क्षेत्र में लगातार यातायात दबाव के कारण कई बार मरीजों को लेकर जाने वाली एम्बुलेंस भी जाम में फंसती देखी गई है। इसके बावजूद व्यस्त फोरलेन पर आयोजनों की अनुमति दिए जाने से आपातकालीन वाहनों के आवागमन में गंभीर बाधा उत्पन्न होने की आशंका रहती है।

इतना ही नहीं, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों के एकत्रित होने से दुर्घटना या अव्यवस्था की स्थिति भी पैदा हो सकती है। आयोजनों में पहुंचने वाले वाहनों की पार्किंग मुख्य मार्ग और आसपास की सड़कों पर होने से यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित होती है। इसका खामियाजा स्थानीय रहवासियों, दुकानदारों, राहगीरों और आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है।

एसपी ने भी देखा था क्षेत्र का बदहाल यातायात

दो दिन पूर्व ही रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने सैलाना बस स्टैंड से कस्तूरबा नगर तक क्षेत्र का निरीक्षण कर यातायात की बदहाल स्थिति देखी थी। ऐसे में जब पुलिस प्रशासन स्वयं इस मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या से अवगत है, तब मुख्य फोरलेन पर आयोजनों की अनुमति देने की व्यवस्था पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

सड़क नहीं, मंदिर और कॉलोनी के उद्यानों में हों आयोजन

क्षेत्र की समस्या को देखते हुए अब जिला प्रशासन और पुलिस को मुख्य फोरलेन मार्ग पर होने वाले आयोजनों पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए। धार्मिक आयोजन संबंधित क्षेत्र के मंदिर परिसर, सामुदायिक भवन या कॉलोनी के उद्यानों में आयोजित किए जाने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि धार्मिक आस्था भी बनी रहे और शहर की यातायात व्यवस्था तथा आम नागरिकों की सुरक्षा भी प्रभावित न हो।

पार्षद की मांग के बाद अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस इस गंभीर समस्या पर क्या निर्णय लेते हैं, या फिर हर साल की तरह शहर की व्यस्त सड़कें ही धार्मिक आयोजनों और जाम का केंद्र बनी रहेंगी।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.