रतलाम कलेक्टर का आदेश: दो माह तक बिना अनुमति रैली-जुलूस पर प्रतिबंध : 31 को करणी सेना के आंदोलन पर नजरें टिकीं
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि बिना अनुमति जुलूस या रैली निकलने से आमजन को अनावश्यक परेशानी होती है, यातायात बाधित होता है और आपातकालीन सेवाओं में विलंब जैसी स्थिति बनती है। इसी कारण यह रोक लगाई गई है
चर्चा चौराहे की.........
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) रतलाम कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा शहर की राजस्व सीमा में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की रैली या जुलूस निकालने पर आगामी दो माह तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश 24 अक्टूबर को जारी किया गया, जिसके तहत धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों या अन्य अवसरों पर बिना अनुमति रैली या जुलूस निकालने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि बिना अनुमति जुलूस या रैली निकलने से आमजन को अनावश्यक परेशानी होती है, यातायात बाधित होता है और आपातकालीन सेवाओं में विलंब जैसी स्थिति बनती है। इसी कारण यह रोक लगाई गई है।
अब इस आदेश के बाद शहर में चर्चा गर्म है कि क्या यह प्रतिबंध करणी सेना के आगामी आंदोलन को देखते हुए लगाया गया है। दरअसल, करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर ने 31 अक्टूबर को रतलाम कलेक्ट्रेट का घेराव करने की घोषणा की है। इस आंदोलन का सोशल मीडिया पर भी जोरदार प्रचार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि करणी सेना जिन मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही है, उनमें से अधिकांश पुलिस प्रशासन के खिलाफ हैं। ऐसे में यह आदेश करणी सेना के आंदोलन पर कितना असर डालेगा, यह 31 अक्टूबर को ही साफ हो पाएगा।
शहर में चर्चा यह भी है कि प्रशासन ने यह आदेश जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर जारी किया है या फिर करणी सेना के घेराव को रोकने की रणनीति के तहत। क्योंकि जीवन सिंह शेरपुर का नाम प्रशासन से टकराव के लिए जाना जाता है और उनके आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग जुट जाते हैं। ऐसे में प्रशासन की सतर्कता भी स्वाभाविक मानी जा रही है।
अब देखना होगा कि कलेक्टर के इस आदेश के बाद करणी सेना का आंदोलन किस रूप में सामने आता है।
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