सेंट जोसेफ स्कूल परिसर में भूमि और भवन अनुमतियों पर सवाल : संयुक्त जांच की मांग

गुलमोहर कॉलोनी के अध्यक्ष राजेश माहेश्वरी और सचिव प्रमोद जैन ने प्रेसवार्ता में आरोपों और दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि सर्वे नंबर 318 की भूमि से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड और मौके पर हुए निर्माण की संयुक्त जांच कराई जानी चाहिए।

Sep 3, 2026 - 11:03
 0
सेंट जोसेफ स्कूल परिसर में भूमि और भवन अनुमतियों पर सवाल : संयुक्त जांच की मांग

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) सेंट जोसेफ कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल परिसर में पुराने भवन को तोड़ने के कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद अब भूमि स्वामित्व और भवन निर्माण की अनुमतियों तक पहुंच गया है। गुलमोहर कॉलोनी के पदाधिकारियों ने सर्वे नंबर 318 की भूमि के रिकॉर्ड, सीमांकन, भवन निर्माण अनुमति, टैक्स निर्धारण सहित स्कूल परिसर में हुए विभिन्न निर्माणों की जांच की मांग उठाई है।

गुलमोहर कॉलोनी के अध्यक्ष राजेश माहेश्वरी और सचिव प्रमोद जैन ने प्रेसवार्ता में आरोपों और दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि सर्वे नंबर 318 की भूमि से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड और मौके पर हुए निर्माण की संयुक्त जांच कराई जानी चाहिए।

25 जुलाई को अनुमति, 1 अगस्त को ठेकेदार से अनुबंध

माहेश्वरी ने नगर निगम द्वारा पुराने भवन को तोड़ने के लिए दी गई अनुमति की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने 25 जुलाई को अनुमति जारी कर दी, जबकि भवन तोड़ने का अनुबंध 1 अगस्त को ठेकेदार से किया गया। उन्होंने इस क्रम को लेकर जांच की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि पुराने भवन को तोड़ने के दौरान नगर निगम की मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे बड़ी मात्रा में पानी बह गया और गुलमोहर कॉलोनी की पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई थी। रहवासियों ने पोकलेन मशीन से पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के बिना भवन तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए स्टेशन रोड थाने में कार्रवाई की मांग भी की थी।

सर्वे नंबर 318 की जमीन को लेकर उठाए सवाल

विवाद के बीच कॉलोनी पदाधिकारियों ने स्कूल परिसर की भूमि से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि सर्वे नंबर 318 की भूमि वर्ष 1956-57 से शासकीय संपत्ति के रूप में दर्ज रही है।

शिकायतकर्ताओं ने सवाल उठाया कि यदि राजस्व रिकॉर्ड में भूमि शासकीय संपत्ति के रूप में दर्ज है, तो बाद में इस भूमि की निजी रजिस्ट्री, नामांतरण और भवन निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई। उन्होंने इन सभी पहलुओं की दस्तावेजी जांच कराने की मांग की है।

सीमांकन और निर्माण की भी हो जांच

राजेश माहेश्वरी और प्रमोद जैन ने भूमि के वास्तविक रकबे और सीमांकन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित दस्तावेजों में दर्ज भूमि क्षेत्रफल का मौके की वास्तविक स्थिति से मिलान कराया जाना चाहिए।

उन्होंने स्कूल को टैक्स में दी गई कथित छूट और 21,900 वर्गफुट भूमि से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की मांग की है। साथ ही टैक्स निर्धारण, मौके पर मौजूद निर्माण और स्वीकृत नक्शे के अनुसार भवन निर्माण हुआ या नहीं, इसका भौतिक सत्यापन कराने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ताओं ने स्कूल परिसर में बने पवेलियन, अतिरिक्त निर्माण और पार्किंग के उपयोग की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इन निर्माणों के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति ली गई या नहीं और निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप है अथवा नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए।

स्कूल भवन की अग्निशमन सुरक्षा और फायर विभाग से संबंधित अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है।

कॉलोनी पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व, नजूल, नगर निगम, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग (टीएनसी), शिक्षा विभाग और फायर विभाग की संयुक्त टीम गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराई जाए। जांच के बाद ही भूमि स्वामित्व, निर्माण अनुमतियों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.