धारदार हथियार से युवक की हत्या : पैर बांधकर नाले में फेंकी लाश : घर से मिली खून लगी कुल्हाड़ी
पुलिस जांच में मृतक के गाल, गर्दन और सिर पर धारदार हथियार से किए गए हमले के निशान मिले। दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे। घटनास्थल की जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) रतलाम जिले के सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम बोरदा में 32 वर्षीय भीमसिंह चरपोटा की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। युवक का शव घर से करीब 200 फीट दूर नाले के पास झाड़ियों में मिला। शव पर धारदार हथियार से हमले के निशान थे और उसके दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए पाए गए। शव को छिपाने के लिए उसके ऊपर मक्का की कटी हुई फसल डाल दी गई थी। पुलिस को मृतक के घर में खून के निशान, खून लगी कुल्हाड़ी मिली हैं।
मामले में नया मोड़ तब आया जब शव मिलने के बाद मृतक की पत्नी ललिता गायब हो गई। परिजनों का आरोप है कि भीमसिंह की हत्या के पीछे उसकी पत्नी का हाथ हो सकता है। सरवन पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर पत्नी की तलाश शुरू कर दी है।
दोपहर से था लापता, फोन मिला बंद
परिजनों के अनुसार 32 वर्षीय भीमसिंह चरपोटा पिता मनोहर चरपोटा, सात भाइयों में सबसे बड़ा था। वह गांव में पत्नी ललिता, 12 वर्षीय पुत्री और सात वर्षीय पुत्र के साथ अलग रहता था और खेती करता था। उसके अन्य भाई आसपास ही अलग-अलग घरों में रहते हैं।
मंगलवार की दोपहर करीब तीन बजे के बाद से लापता था। परिजनों ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इस बीच परिवार उसकी तलाश करता रहा। 2 सितंबर की सुबह उसका शव घर से करीब 200 फीट दूर नाले के पास झाड़ियों में पड़ा मिला। सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए तथा पुलिस को सूचना दी गई।
शरीर पर धारदार हथियार के निशान, पैर बंधे मिले
सरवन थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया, बेड़दा चौकी प्रभारी जेएस तोमर सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद एएसपी राकेस पंद्रो, एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल और सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस जांच में मृतक के गाल, गर्दन और सिर पर धारदार हथियार से किए गए हमले के निशान मिले। दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे। घटनास्थल की जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पत्नी ने कहा था—दानपुर गए हैं
मृतक के छोटे भाई केसरसिंह और अनिल ने बताया कि 1 सितंबर की शाम करीब 6 बजे उनकी भाभी ललिता उनके भाई रकमलाल के घर पहुंची थी। उसने बताया था कि भीमसिंह चांदी की कड़िया गिरवी रखने और खाद आदि लेने के लिए दोपहर में दानपुर गया है, लेकिन अभी तक वापस नहीं आया है।
परिजनों ने भीमसिंह को कई बार फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। शुरुआत में उन्हें लगा कि वह आसपास कहीं गया होगा और सुबह तक लौट आएगा। मृतक के काका भीमसिंह पिता रंगजी ने बताया कि रात करीब 9 बजे भी ललिता से पूछा गया था कि भीमा वापस आया या नहीं, जिस पर उसने उसके नहीं आने की बात कही।
सुबह शव मिला, फिर पत्नी हो गई गायब
परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह सवजी मईड़ा ने उन्हें सूचना दी कि भीमसिंह नाले के पास मृत पड़ा है। इसके बाद परिजनों ने उसकी पत्नी ललिता को तलाशा तो वह घर से गायब मिली। मृतक के भाई केसरसिंह का आरोप है कि सुबह ललिता उनके साथ भीमसिंह की तलाश कर रही थी, लेकिन शव मिलने के बाद वह जंगल की ओर चली गई और फिर नहीं मिली।
परिजनों ने आरोप लगाया कि घर के अंदर ही भीमसिंह की हत्या की गई और बाद में उसके पैर रस्सी से बांधकर शव को नाले के पास फेंका गया। परिजनों का कहना है कि घर की दीवारों और पलंग पर खून के धब्बे मिले हैं, जबकि ढालिए में खून लगी कुल्हाड़ी भी मिली है।
शव से जेवर और मोबाइल भी गायब
मृतक के भाई केसरसिंह के अनुसार भीमसिंह के हाथ में करीब ढाई सौ ग्राम वजनी चांदी का कड़ा था और दोनों कानों में करीब 40 से 50 हजार रुपए कीमत के सोने के फूल पहने हुए थे। शव मिलने पर उक्त जेवर शरीर पर नहीं मिले। उसका मोबाइल फोन भी गायब है।
परिजनों के अनुसार भीमसिंह के पास दो बाइक थीं। पत्नी द्वारा उसके दानपुर जाने की बात बताए जाने के बाद उन्होंने बाइकें भी देखीं, जो पिता के घर के पास खड़ी मिलीं। इससे भी परिजनों को उसके लापता होने पर संदेह हुआ और उन्होंने तलाश शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और मृतक की पत्नी की तलाश की जा रही है। जांच के बाद ही हत्या की वास्तविक वजह और आरोपी की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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