ई-स्कूटर की आग ने छीनी 16 वर्षीय अंतिमकुंवर की जिंदगी : 13 दिन बाद तोड़ा दम
गौरतलब है कि 18 अगस्त की रात विंध्यवासिनी क्षेत्र स्थित घर के हॉल में रखे वॉरिवो कंपनी के ई-स्कूटर में अचानक आग लग गई थी। उस समय हॉल में बिंदुकुंवर भाटी (36) और उनकी छोटी बेटी अंतिमकुंवर सो रही थीं। आग की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गई थीं।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) घर के हॉल में रखी ई-स्कूटर में अचानक लगी आग ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। 18 अगस्त की रात लपटों की चपेट में आई 16 वर्षीय अंतिमकुंवर 13 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही, लेकिन मंगलवार सुबह इंदौर के एमवाय अस्पताल में जिंदगी की अंतिम सांस ली। इस दर्दनाक हादसे में झुलसी उसकी मां बिंदुकुंवर का उपचार अभी भी अस्पताल में जारी है।
परिजनों के अनुसार, अंतिमकुंवर करीब 40 प्रतिशत झुलस गई थी। उपचार के दौरान उसे गंभीर इंफेक्शन हो गया था और फेफड़ों में पानी भरने की समस्या भी सामने आई। सोमवार देर शाम उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उसे सांस लेने में तकलीफ हुई। इसके बाद रात करीब 1 बजे उसे अरबिंदो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर उसे वेंटिलेटर पर लेने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।
मंगलवार देर शाम परिजन अंतिमकुंवर का शव लेकर उसके नाना के घर रावटी के समीप तंबोलिया पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
गौरतलब है कि 18 अगस्त की रात विंध्यवासिनी क्षेत्र स्थित घर के हॉल में रखे वॉरिवो कंपनी के ई-स्कूटर में अचानक आग लग गई थी। उस समय हॉल में बिंदुकुंवर भाटी (36) और उनकी छोटी बेटी अंतिमकुंवर सो रही थीं। आग की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गई थीं।
परिजनों का कहना है कि घटना के समय ई-स्कूटर चार्जिंग पर नहीं लगा था। बताया गया कि रात करीब 8:30 बजे ही चार्जिंग पिन निकाल दिया गया था। इसके बावजूद बाद में स्कूटर में अचानक आग लग गई। हादसे में झुलसी बिंदुकुंवर भाटी का इंदौर के एमवाय अस्पताल में उपचार जारी है।
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