फिक्की अराइज अवॉर्ड के राष्ट्रीय मंच पर सांदीपनि विद्यालय विनोबा की दमदार दस्तक : राष्ट्रीय ग्रैंड जूरी के सामने प्रस्तुत किया शिक्षक विकास का नवाचारी मॉडल

विद्यालय की ओर से उप प्राचार्य एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर ने प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने विद्यालय में शिक्षक विकास के लिए विकसित किए गए ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ मॉडल की अवधारणा, कार्यप्रणाली और प्रभाव को निर्णायक मंडल के समक्ष विस्तार से रखा।

Sep 15, 2026 - 20:14
Sep 15, 2026 - 20:18
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फिक्की अराइज अवॉर्ड के राष्ट्रीय मंच पर सांदीपनि विद्यालय विनोबा की दमदार दस्तक : राष्ट्रीय ग्रैंड जूरी के सामने प्रस्तुत किया शिक्षक विकास का नवाचारी मॉडल

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) सांदीपनि विद्यालय विनोबा रतलाम ने फिक्की समर्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के अराइज अवॉर्ड के तीसरे चरण में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई। विद्यालय ने ‘टीचर्स प्रोफेशनल डेवलपमेंट’ श्रेणी में राष्ट्रीय निर्णायक मंडल के समक्ष अपने नवाचारी शिक्षक विकास मॉडल का प्रस्तुतीकरण किया।

विद्यालय ने चयन प्रक्रिया के पहले चरण में प्रभावी प्रस्तुति दी थी। इसके बाद दूसरे चरण में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। तीसरा चरण 12 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित हुआ, जहां विद्यालय के ‘स्कूल टीचर प्रोफेशनल डेवलपमेंट मॉडल’ को राष्ट्रीय ग्रैंड जूरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

विद्यालय की ओर से उप प्राचार्य एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर ने प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने विद्यालय में शिक्षक विकास के लिए विकसित किए गए ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ मॉडल की अवधारणा, कार्यप्रणाली और प्रभाव को निर्णायक मंडल के समक्ष विस्तार से रखा।

देशभर के विद्यालयों के बीच राष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया

अराइज अवॉर्ड की चयन प्रक्रिया के पहले चरण में देशभर से हजारों विद्यालय भाग लेते हैं। विभिन्न चरणों में मूल्यांकन के बाद प्रत्येक श्रेणी से चयनित विद्यालय तीसरे चरण तक पहुंचते हैं। इस चरण में विद्यालयों को अपने कार्यों और नवाचारों का प्रस्तुतीकरण करने के साथ ही राष्ट्रीय निर्णायक मंडल के प्रश्नों का उत्तर देना होता है।

सतत व्यावसायिक विकास पर विद्यालय का विशेष जोर

सांदीपनि विद्यालय विनोबा शिक्षक व्यावसायिक विकास के लिए एक विशिष्ट दृष्टिकोण अपना रहा है। इसमें देश-दुनिया के अग्रणी विद्यालयों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा करने और उनसे सीखने पर विशेष जोर दिया जाता है।

विद्यालय के शिक्षक विकास मॉडल का उद्देश्य शिक्षकों को नई पीढ़ी की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर विकसित होने के लिए तैयार करना तथा विद्यालय में सतत व्यावसायिक विकास का मजबूत तंत्र स्थापित करना है। प्रस्तुतीकरण के दौरान शिक्षक विकास मॉडल की निरंतरता, सीखने की प्रक्रिया और विद्यालय स्तर पर इसके प्रभाव को प्रमुखता से रखा गया।

‘नई पीढ़ी के साथ शिक्षकों का विकास भी निरंतर होना चाहिए

उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना है, जिसमें सतत व्यावसायिक विकास के माध्यम से टीम विनोबा के शिक्षकों के सीखने, प्रयोग करने और अपने शिक्षण अभ्यास को लगातार बेहतर बनाने के लिए एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो।

उन्होंने बताया कि विद्यालय अब सभी शिक्षकों के लिए शिक्षण प्रक्रिया में एआई उपकरणों के एकीकरण की दिशा में अगले चरण पर काम कर रहा है। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए स्व-गति आधारित ऐसी प्रणाली विकसित की जा रही है, जो उद्यमी सोच को बढ़ावा देगी।

उन्होंने कहा कि विद्यालय की निरंतर विकास यात्रा में ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ के साथ ‘द जेन साह मॉडल’ और ‘ब्रूडिंग इफेक्ट’ जैसे नवाचारों को भी जोड़ा जा रहा है।

26 सितंबर को होगी अवॉर्ड सेरेमनी

इस उपलब्धि पर संस्था की प्राचार्य संध्या वोरा ने बताया कि अंतिम चयन का परिणाम अभी प्रतीक्षित है। अराइज अवॉर्ड की अवॉर्ड सेरेमनी 26 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित होगी।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.