18 साल से पुलिस की पकड़ से बाहर चड्डी-बनियान गैंग के तीन कथित बदमाश गिरफ्तार : चोरी का माल खरीदने वाला बुजुर्ग भी पकड़ाया
चोरी से पहले हाथ में बांधते थे मन्नत का धागा, वारदात के बाद उतारने का दावा; बेटे पर मुखबिरी के आरोप में गांव में 50 लाख की कथित पेनल्टी चुकाने के लिए भी चोरी करने की बात आई सामने
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) चोरी से पहले मन्नत का धागा बांधना, वारदात के बाद मन्नत पूरी होने पर उसे उतारना और करीब 18 साल तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहने का दावा! रतलाम पुलिस ने चड्डी-बनियान गैंग से जुड़े तीन कथित बदमाशों को गिरफ्तार कर चोरी की कई वारदातों की जांच में अहम सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी का माल खरीदने के आरोप में 74 वर्षीय एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार है। मामले में एक आरोपी के बेटे पर पुलिस की मुखबिरी करने के आरोप में गांव में 50 लाख रुपये की कथित पेनल्टी लगाए जाने और उसकी रकम चुकाने के लिए चोरी करने की बात भी सामने आई है।
शुक्रवार को पुराने पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में एएसपी राकेश पंद्रो ने मामले का खुलासा किया। इस दौरान सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी अमित कोरी और दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने गुजरात के दाहोद जिले के जैसावाड़ा थाना क्षेत्र से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
चोरी से पहले मन्नत का धागा बांधने की कहानी
पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ में चोरी से पहले हाथ में मन्नत का धागा बांधने और वारदात के बाद मन्नत पूरी होने पर उसे उतारने की बात सामने आई है। आरोपियों के करीब 18 साल तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहने का दावा भी किया जा रहा है। हालांकि, उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अलग-अलग क्षेत्रों में की गई वारदातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
बेटे पर मुखबिरी का आरोप, गांव में 50 लाख की पेनल्टी
मामले में एक आरोपी के परिवार से जुड़ा चौंकाने वाला पहलू भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी के बेटे पर गांव में पुलिस की मुखबिरी करने का आरोप लगाया गया था, जिसके चलते कथित तौर पर 50 लाख रुपये की पेनल्टी लगाए जाने की बात कही जा रही है। दावा है कि इस रकम की व्यवस्था करने के लिए भी आरोपी चोरी की वारदातों में शामिल हो रहा था। फिलहाल, इस दावे से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
आठ महीने से रतलाम की कॉलोनियों में कर रहे थे चोरी
एएसपी राकेश पंद्रो ने बताया कि आरोपी पिछले करीब आठ महीने से रतलाम की अलग-अलग कॉलोनियों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। लगातार हो रही चोरियों की जांच के दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर गुजरात के दाहोद जिले के जैसावाड़ा थाना क्षेत्र के संदिग्धों की तलाश की। पूछताछ और जांच में उनकी कथित संलिप्तता सामने आने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
तीन कथित चोर गिरफ्तार, माल खरीदने वाला भी पकड़ाया
पुलिस ने कालू पिता भीमा उर्फ भीमजी, नभला पिता भीमा उर्फ भीमजी और मालाभाई पिता जोटाभाई उर्फ जोर सिंह मावी को गिरफ्तार किया है। तीनों गुजरात के दाहोद जिले के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने चोरी का माल खरीदने के आरोप में 74 वर्षीय मणिशंकर उर्फ पोपटलाल पिता केशवलाल पांचाल को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में चोरी का माल उसे बेचने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस मामले में संजयभाई पिता दलसिंह मावी निवासी वाडवा, थाना जैसावाड़ा, जिला दाहोद (गुजरात) फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
1.2 किलो चांदी, 40 ग्राम सोना और नकदी जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से 1 किलो 200 ग्राम चांदी, 40 ग्राम सोने के आभूषण और 9 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। जब्त सामग्री को चोरी के विभिन्न मामलों से जोड़कर जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में अन्य वारदातों और संभावित सहयोगियों के संबंध में भी जानकारी मिल सकती है।
बदमाशों को पकड़ने के दौरान सीएसपी को लगी चोट
आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के सिर में चोट लगने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन तथा एएसपी राकेश कुमार पंद्रो और सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड लेने की कार्रवाई करेगी। इसके बाद उनसे चोरी की अन्य वारदातों, संभावित सहयोगियों और बरामद संपत्ति के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
महत्वपूर्ण भूमिका: उपनिरीक्षक विनोद कटारा, देवीलाल पाटीदार, ध्यानसिंह सोलंकी, प्रधान आरक्षक अनिल सोलंकी, निलेश पाठक, अभिषेक पाठक, आरक्षक रवि चंदेल, गोविंद गेहलोत, दीपक मकवाना और जीवन विश्वकर्मा सहित थाना माणकचौक की टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सराहनीय भूमिका: उप पुलिस अधीक्षक गायत्री सोनी, निरीक्षक अमित कोरी, उपनिरीक्षक उदयभान राय, प्रधान आरक्षक राघु भिंडे, आरक्षक विजय सिंह मालवीय, राणा प्रताप, ओम पारगी, गौरव भारती, कलसिंह मईडा तथा साइबर सेल के उपनिरीक्षक जीवन बारिया, आरक्षक विपुल और उनकी टीम का सराहनीय योगदान रहा।
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