मालवा की स्वर्ण नगरी में होगे आत्मशक्ति के दर्शन, जैन संत पूज्य श्री चंद्रप्रभ चंद्रसागर जी म.सा. करेंगे महाशतावधान

प्राचीन काल में जैन और वैदिक परंपरा में ऐसा सुनने को मिलता है कि विद्यार्थी गुरु के मुख से आगम या वेद ग्रंथ एक ही बार, सुनकर याद रख लेते थे, मगर आज के समय ऐसी याददाश्त असंभव है। लेकिन कलयुग में भी ऋषियों की इस परंपरा के दर्शन यह महाशतावधान कार्यक्रम आपको करवाएगा।

Oct 14, 2024 - 20:37
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मालवा की स्वर्ण नगरी में होगे आत्मशक्ति के दर्शन, जैन संत पूज्य श्री चंद्रप्रभ चंद्रसागर जी म.सा. करेंगे महाशतावधान

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) आज के समय में जहां व्यक्ति दो-चार काम या फिर बातो को याद रखने के लिए मोबाइल या कागज पेन का सहारा लेने लगता है, ऐसे समय एक जैन संत अध्यात्म और स्मरण शक्ति के ऐसे दर्शन करवा रहे हैं जिसे देखकर लोग चकित रह जाते हैं। 

जी हां यह आयोजन है जैन संत का महाशतावधान। जिसमें महाशतावधानी श्री चंद्रप्रभ चंद्रसागर जी म. सा. एक ही बार में 200 सवालों को सुनकर याद रखेंगे और फिर क्रमशः उनके उत्तर भी देंगे। इतना ही नहीं इन उत्तरो को क्रम बदलकर भी पूछा जा सकेगा। 

 ध्यान , स्वाध्याय और सरस्वती साधना के माध्यम से आत्मशक्ति का यह चमत्कार है। जिसमें लोग जैन संत की आत्मशक्ति के दर्शन कर सकेंगे। जिसमें साधना को आत्मसात कर, याद रखने की अद्भुत विधि देखने को मिलेगी।

 प्राचीन काल में जैन और वैदिक परंपरा में ऐसा सुनने को मिलता है कि विद्यार्थी गुरु के मुख से आगम या वेद ग्रंथ एक ही बार, सुनकर याद रख लेते थे, मगर आज के समय ऐसी याददाश्त असंभव है। लेकिन कलयुग में भी ऋषियों की इस परंपरा के दर्शन यह महाशतावधान कार्यक्रम आपको करवाएगा। 

20 अक्टूबर रविवार के दिन सगोद रोड स्थित चंपा विहार में सुबह 9:00 बजे से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है । जिसमें एक साथ 1200 लोग हिस्सा लेंगे। इनमे से 200 लोग संत श्री से सवाल करेंगे। 

 श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्री संघ, गुजराती उपाश्रय, श्री ऋषभदेवजी केशरीमलजी जैन श्वेतांबर पेढ़ी रतलाम महाशतावधान समिति ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया है जिसमें शहर के सुधी समाज जनों से शामिल होने की अपील की गई है।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.