सरवन पुलिस ने फर्जी MCX ट्रेडिंग नेटवर्क का किया भंडाफोड़ : करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन की जांच तेज : मुख्य आरोपी गिरफ्तार : मोबाइल डेटा से कई फर्जी आईडी और बड़े वित्तीय ट्रांजेक्शन का खुलासा
पुलिस के अनुसार 6 जून 2026 को सैफी नगर, रतलाम निवासी दिव्यांश उर्फ छोटू सोनी ने थाना सरवन में शिकायत दर्ज कराई थी कि सरवन निवासी आदित्य सोमानी ने MCX ट्रेडिंग के नाम पर उसके साथ धोखाधड़ी की और बाद में उससे करीब एक करोड़ रुपये की मांग की।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) रतलाम जिले की सरवन थाना पुलिस ने अवैध MCX ट्रेडिंग और उससे जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा की जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन, कई फर्जी आईडी और व्यापक ऑनलाइन नेटवर्क के संकेत मिले हैं। पुलिस अब पूरे गिरोह की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी सैलाना नीलम बघेल के नेतृत्व में थाना सरवन पुलिस द्वारा की गई।
पुलिस के अनुसार 6 जून 2026 को सैफी नगर, रतलाम निवासी दिव्यांश उर्फ छोटू सोनी ने थाना सरवन में शिकायत दर्ज कराई थी कि सरवन निवासी आदित्य सोमानी ने MCX ट्रेडिंग के नाम पर उसके साथ धोखाधड़ी की और बाद में उससे करीब एक करोड़ रुपये की मांग की। शिकायत की जांच के बाद थाना सरवन में अपराध क्रमांक 224/2026 के तहत मध्यप्रदेश जुआ अधिनियम की धारा 3/4 में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी आदित्य सोमानी को गिरफ्तार कर उसका मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किया। प्रारंभिक तकनीकी जांच में मोबाइल से कई अलग-अलग आईडी संचालित होना सामने आया, जिनके माध्यम से बड़े पैमाने पर ऑनलाइन MCX ट्रेडिंग और वित्तीय लेनदेन किए जाने के संकेत मिले हैं। अब तक की जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए हैं।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में सरवन, सैलाना, रतलाम, महिदपुर, उज्जैन और मंदसौर क्षेत्र के कुछ व्यापारियों की संभावित संलिप्तता के संकेत मिले हैं। इन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जाएगी।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी ने मोबाइल से कुछ महत्वपूर्ण डेटा डिलीट करने का प्रयास किया था। पुलिस ने मोबाइल को डिजिटल फोरेंसिक जांच और डाटा रिकवरी के लिए साइबर विशेषज्ञों के पास भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही बैंक खातों, ऑनलाइन भुगतान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है।
पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, प्रधान आरक्षक गजेन्द्रसिंह झाला, प्रधान आरक्षक सूर्यपाल सिंह, आरक्षक हिम्मत सिंह तथा साइबर टीम के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा और आरक्षक विपुल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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