सैलाना : बस स्टैंड चौड़ीकरण मामले में नया मोड़: प्रशासन सख्त, एसडीएम-सीएमओ को दिए कार्रवाई के निर्देश : जर्जर दुकानों से जनहानि हुई तो दोनों अधिकारियों की होगी जवाबदेही
नगर परिषद ने वर्ष 1983 में निर्मित बस स्टैंड की 15 पुरानी दुकानों को हटाकर करीब 42 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड चौड़ीकरण की योजना तैयार की है। योजना के तहत पुराने दुकानदारों के लिए पीछे नई और बड़ी दुकानें बनाकर उन्हें लागत मूल्य पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है
सैलाना (प्रकाशभारत न्यूज़) नगर के बहुचर्चित बस स्टैंड चौड़ीकरण मामले में अब नया मोड़ आ गया है। विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के बाद जिला प्रशासन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सैलाना के एसडीएम और नगर परिषद सीएमओ को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि बस स्टैंड स्थित जर्जर दुकानों के कारण कोई जनहानि होती है तो इसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम और सीएमओ की होगी।
42 लाख की योजना से होना है बस स्टैंड का चौड़ीकरण
नगर परिषद ने वर्ष 1983 में निर्मित बस स्टैंड की 15 पुरानी दुकानों को हटाकर करीब 42 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड चौड़ीकरण की योजना तैयार की है। योजना के तहत पुराने दुकानदारों के लिए पीछे नई और बड़ी दुकानें बनाकर उन्हें लागत मूल्य पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि चौड़ीकरण के साथ व्यापारियों को भी सुविधा मिल सके।
हाईकोर्ट पहुंचे कुछ दुकानदार
नगर परिषद के प्रस्ताव से असहमत कुछ दुकानदार हाईकोर्ट पहुंचे थे। न्यायालय ने नगर परिषद के सीएमओ को सभी प्रभावित दुकानदारों का पक्ष सुनने के निर्देश दिए। इसके बाद सीएमओ ने सभी व्यापारियों की सुनवाई कर उन्हें बताया कि लगभग छह माह में नई दुकानें बनाकर लागत मूल्य पर वापस उपलब्ध करा दी जाएंगी।
कुछ ने दुकानें खाली कीं, कुछ अब भी असहमत
सुनवाई के बाद कई दुकानदार योजना से सहमत होकर अपनी दुकानें खाली कर चुके हैं और शटर तक हटा दिए हैं। वहीं कुछ दुकानदार अब भी योजना से सहमत नहीं हैं। इस बीच संबंधित शासकीय विभाग इन दुकानों को पहले ही जीर्ण-शीर्ण और असुरक्षित घोषित कर चुका है।
5 जुलाई को गिरा था दुकान का छज्जा
गत 5 जुलाई को खाली पड़ी दुकानों में से एक का छज्जा अचानक गिर गया था। सौभाग्य से उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अगले दिन 6 जुलाई को यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
कलेक्टर कार्यालय ने जारी किए सख्त निर्देश
कार्यालय कलेक्टर (शहरी विकास), रतलाम द्वारा जारी पत्र में 6 जुलाई को प्रकाशित समाचारों का उल्लेख करते हुए सैलाना एसडीएम एवं नगर परिषद सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। दोनों अधिकारी मौके का निरीक्षण कर आवश्यक निर्णय लें तथा ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रकार की जनहानि न हो। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जवाबदेही संबंधित एसडीएम और सीएमओ की होगी।
बुधवार को होगा मौका मुआयना
सैलाना एसडीएम सुनील जायसवाल ने बताया कि दुकानों के संबंध में कलेक्टर कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ है। इसके परिप्रेक्ष्य में बुधवार को नगर परिषद सीएमओ के साथ मौके का निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद आवश्यक निर्णय लेकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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