रतलाम....जिंदा महिला का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र,वसीयतनामा से हड़प ली जमीन : आपराधिक साजिशकर्ता परिवार सहित फरार
पीड़िता ने अपनी शिकायत में पटवारी और नायब तहसीलदार का भी पूरी आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना हे कि अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि किए बिना और जमीन मालिक जनरैल कौर का पक्ष सुने बिना नामांतरण आदेश दिनांक 21/06/2024 जारी करके अपराध घटित करने वालों के पक्ष में जनरैल कौर की मालिकी की जमीन का नामांतरण कर दिया
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) रतलाम के तितरी गांव में इंदौर निवासी और मूल रूप से पंजाब में रहने वाली जनरैल कौर भान की ढाई बीघा जमीन को रतलाम के शास्त्री नगर निवासी हरमीत सिंह ओबेरॉय, बलप्रीत सिंह, सिमरनजीत सिंह, हरप्रीत कौर, राजेन्द्र गुर्जर, सतनाम सिंह और अमित सेठी ने आपराधिक साजिश रच करके, फर्जी दस्तावेज बना कर हड़प ली और आपस में बेच कर लाखों रुपयों का लाभ प्राप्त कर लिए।
पीड़ित को जब इस बात की जानकारी मिले तब पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने शिकायत पर जांच में पीड़िता जनरैल जनरैल कौर को सूचना पत्र जारी करके कथन के लिए बुलाया था। पीड़िता जनरैल कौर ने 13 फरवरी को देर शाम तक थाना माणक चौक रतलाम पर अपने एडवोकेट राजेन्द्र कुमार गुप्ता इंदौर और प्रणव व्यास के साथ उपस्थित होकर पुलिस को बयान और साक्ष्य दर्ज करवाए।
पुलिस ने पीड़ित महिला की ट्रेवल हिस्ट्री की भी पासपोर्ट के माध्यम से जांची गई है जिसमे भी स्पष्ट हुआ है कि जीवित महिला का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र आरोपी ने बनाया
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नायब तहसीलदार सविता ठाकुर के द्वारा किए गए नामांतरण आदेश को निरस्त करने के लिए पीड़िता जनरैल कौर की तरफ से एडवोकेट राजेन्द्र कुमार गुप्ता, एडवोकेट प्रणव व्यास ने एडीएम अनिल भाना के समक्ष अपील दाखिल की है, अपील पर भी 13 फरवरी को सुनवाई हुई, एडवोकेट व्यास के तर्क सुनने और दस्तावेज देखने के बाद एडीएम भाना ने आपराधिक साजिशकर्ता हरप्रीत सिंह ओबेरॉय को नोटिस जारी किया है।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर, अपराध घटित करने वाले आरोपियों से भ्रष्ट सांठ गांठ करके, फर्जी मौका रिपोर्ट देने वाले पटवारी आरिफ और सांठ —गांठ करके नामांतरण आदेश जारी करने वाली नायब तहसीलदार सविता ठाकुर के खिलाफ कलेक्टर राजेश बाथम ने जांच के आदेश दिए हैं। इस प्रकरण में PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली) से भी जांच का निर्देश दिए गए हैं।
फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि किए बिना कर दिया जमीन का नामांतरण
पीड़िता ने अपनी शिकायत में पटवारी और नायब तहसीलदार का भी पूरी आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना हे कि अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि किए बिना और जमीन मालिक जनरैल कौर का पक्ष सुने बिना नामांतरण आदेश दिनांक 21/06/2024 जारी करके अपराध घटित करने वालों के पक्ष में जनरैल कौर की मालिकी की जमीन का नामांतरण कर दिया।
पुलिस के जांच अधिकारी के द्वारा, नगर पालिका रतलाम के अधिकारियों से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की और ट्रेज़री से फर्जी वसीयतनामा बनाए जाने की जांच कर अपराध करने वाले और अपराध में शामिल सभी व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करेगी।
एसपी अमित सिंह ने शिकायत को बहुत गंभीरता से लेकर, शिकायत पर थाना प्रभारी को तत्काल प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
पीड़िता के वकील प्रणव व्यास ने बताया कि इस मामले में पुलिस जांच के बाद आपराधिक साजिशकर्ता हरप्रीत सिंह ओबेरॉय, पत्नी और दोनों बेटे पर एफ आई आर दर्ज हो जाएगी।
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