रतलाम का पहला देहदान : गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुई अंतिम विदाई : नेत्रदान और देहदान करवा कर पेश की मिसाल
पत्रकार नीरज कुमार शुक्ला ने देर रात ही काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव एवं जिला रोगी कल्याण समिति सदस्य गोविंद काकानी को दिवेकर परिवार द्वारा दिवंगत सुशीला दिवेकर के नेत्रदान और देहदान करवाने की इच्छा बताई
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) रतलाम का पहला देहदान शुक्रवार को डॉ. लक्ष्मीनारायण शासकीय मेडिकल कॉलेज में संपन्न हुआ। यहां चिकित्सा अधिकारी डॉ. रवि दिवेकर ने अपनी माता सुशीला दिवेकर का देहदान कराया। इससे पूर्व नेत्रदान भी हुआ। दिवंगत सुशीला दिवेकर को पुलिस-प्रशासन की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. रवि दिवेकर, पूर्व प्रधानाध्यापक पराग दिवेकर, सैलाना बीएसी स्मिता शुक्ला एवं मंदिरा वानखेड़े का माता, चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि दिवेकर, पत्रकार नीरज कुमार शुक्ला एवं व्यवासायी नयन वानखेड़े की सासू मां सुशीला बाई (77 वर्ष) का गुरुवार देर रात निधन हो गया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें देर शाम उन्हें आशीर्वाद नर्सिंगहोम में उपचार हेतु भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने देर रात अंतिम सांस ली।
रात 3.10 बजे हुए नेत्रदान
पत्रकार नीरज कुमार शुक्ला ने देर रात ही काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव एवं जिला रोगी कल्याण समिति सदस्य गोविंद काकानी को दिवेकर परिवार द्वारा दिवंगत सुशीला दिवेकर के नेत्रदान और देहदान करवाने की इच्छा बताई। काकानी ने तत्काल बड़नगर से डॉ. ददरवाल से संपर्क साधा और गंगासागर निवास पहुंच कर रात 3.10 बजे नेत्रदान संपन्न करवाए। काकानी ने कलेक्टर राजेश बाथम को रतलाम से पहला देहदान दिवेकर परिवार की ओर से होने की जानकारी दी। कलेक्टर ने एसपी अमित कुमार और सीएमएचओ डॉ. संध्या बेलसरे को देहदानी को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ साथ अंतिम विदाई देने के लिए निर्देशित किया।
निवास पर पहुंच कर दिया गार्ड ऑफ ऑनर
शुक्रवार दोपहर करीब 12.00 बजे गंगासागर स्थित निवास पर पुलिस विभाग ने कलेक्टर की प्रतिनिधि सीएमएचओ डॉ. बेलसरे की मौजूदगी में देहदानी सुशीला दिवेकर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। परिजन पार्थिवदेह लेकर शासकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां डीन डॉ. अनीता मूथा, सीएमएचओ डॉ. बेलसरे, पूर्व डीन एवं एनाटॉमी विभाग के प्रमुख जितेंद्र गुप्ता, पूर्व सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा व डॉ. आनंद चंदेलकर की मौजूदगी में देहदान किया। यहां पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि सभा के बाद देहदानी परिवार को मेडिकल कॉलेज की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
इन्होंने व्यक्ति किए विचार
मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. मूथा ने कहा कि यह देहदान रतलाम के इतिहास में लिखा जाएगा क्योंकि यह पहला देहदान है जिसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है। सीएमएचओ डॉ. बेलसरे ने चिकित्सा जगत से जुड़े सभी लोगों को इससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। पूर्व सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा एवं डॉ. आनंद चंदेलकर ने इसे महादान और दिवंगद सुशीला दिवेकर की नातिन एमबीबीएस की छात्रा विधि वानखेड़े ने अपने जैसे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी प्रसंग बताया। नेत्रम् संस्था के सुशील मीनू माथुर ने भी संबोधित किया। समाजसेवी गोविंद काकानी दिवेकर परिवार, प्रशासन, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के प्रति आभार प्रदर्शित किया।
इन्होंने दी श्रद्धांजलि
गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने और देहदान के दौरान रेडक्रॉस के चेयरमैन प्रीतेश गादिया, संचालक हेमंत मूणत, मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र गुप्ता, डॉ. राजेंद्र सिंगरौले, डॉ. विजय चौहान, डॉ. अनिल पटेल, डॉ. पुनीत शर्मा, डॉ. मणाल अनंत संभाजी, डॉ. प्रवीण कुमार भारती, डॉ. गड़ाला निशांत, सचिन वर्मा, लोकेश वैष्णव, टेक्नीशियन पुनीत शर्मा, हरिओम नागर, अवनीश प्रताप सिंह, छोगालाल प्रजापत, सुनील महावर, राजकुमार बंदोड़िया सहित अन्य उपस्थित रहे और श्रद्धासुमन अर्पित किए।
What's Your Reaction?



