श्रम संहिताओं के विरोध में हुंकार : हायर एंड फायर नीति के खिलाफ एकजुट हुए श्रमिक संगठन : प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
सभा में मुख्य रूप से चार श्रम संहिताओं को समाप्त करने, नौकरी में “हायर एंड फायर” नीति का विरोध, हड़ताल के अधिकार की बहाली, न्यूनतम वेतन लागू करने तथा सेल्स प्रमोशन एक्ट 1976 को पुनः लागू करने की मांग उठाई गई।
रतलाम (प्रकाशभारत.कॉम) श्रम संगठनों की संयुक्त समिति के तत्वावधान में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के अंतर्गत स्थानीय प्रेस क्लब परिसर में सभा आयोजित की गई। हड़ताल में विभिन्न संगठनों के 600 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की।
सभा में मुख्य रूप से चार श्रम संहिताओं को समाप्त करने, नौकरी में “हायर एंड फायर” नीति का विरोध, हड़ताल के अधिकार की बहाली, न्यूनतम वेतन लागू करने तथा सेल्स प्रमोशन एक्ट 1976 को पुनः लागू करने की मांग उठाई गई। सभा स्थल का नाम “कामरेड अश्विनी शर्मा हाल” रखा गया।
सभा को संबोधित करते हुए श्रम संगठनों की संयुक्त समिति के अध्यक्ष आई.एल. पुरोहित ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने के लिए श्रम कानूनों में बदलाव कर रही है। मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के राज्य सचिव अभिषेक जैन ने दवा और चिकित्सा उपकरणों पर 0% जीएसटी लागू करने, एसपी एक्ट 1976 को बहाल करने तथा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग रखी।
सभा को सीटू के मांगीलाल नागवत, प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के कीर्ति शर्मा, आंगनवाड़ी एकता यूनियन की कृष्णा सोनगरा, आशा उषा एकता यूनियन की मीनाक्षी गौड़, जनवादी लेखक संघ के रणजीत सिंह राठौड़, जनवादी महिला संघ की गीता राठौर, बैंक पेंशनर्स एसोसिएशन के नरेंद्र जोशी, आरएमएस से भारत राठौड़, आयकर कर्मचारी महासंघ के शांतिलाल शर्मा एवं मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के सह सचिव अविनाश पोरवाल ने भी संबोधित किया।
सभा का संचालन यूनियन सचिव निखिल मिश्रा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन शाखा उपाध्यक्ष रशीद खान ने किया।
सभा के पश्चात श्रम संगठनों की संयुक्त समिति के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार पांडे को सौंपा गया। ज्ञापन का वाचन विनय दुबे ने किया।
बैठक में चिंटू कुमार, दीपक पांचाल, स्नेहिल मोघे, राकेश मालवीय, गोपाल चौहान, सचिन तिवारी, सुधीर चौधरी, विजय, श्यामलाल सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
What's Your Reaction?

