रतलाम में 'जहरीले' पानी पर संग्राम : शहर में भगीरथपुरा जैसी त्रासदी की आहट : गंदे पानी की सप्लाई पर कांग्रेस का उपवास : महापौर के क्षेत्र में ही प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा
बाउंड्रीवाल के लिए आंदोलन, गंदे पानी पर चुप्पी क्यों?* धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा ने भाजपा नेताओं के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब कोमल नगर में बाउंड्रीवाल गिरती है तो भाजपा नेता आत्मदाह की धमकी देते हैं, लेकिन जब शहर की जनता 10 दिनों तक पानी के लिए तरसती है और सीवरेज मिला पानी पीती है, तब उनकी आवाज नहीं निकलती।
रतलाम (प्रकाशभारत.कॉम) शहर में पिछले कई दिनों से हो रही दूषित जल की आपूर्ति और इंदौर के चर्चित 'भगीरथपुरा कांड' को लेकर रतलाम की जनता के हित में और जनता को जगाने के उद्देश्य से शहर कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा के नेतृत्व में अलकापुरी चौराहे पर शनिवार को विशाल उपवास और धरना दिया गया, जहाँ उन्होंने भाजपा प्रशासन को 'भ्रष्टाचारी और लुटेरा' करार दिया। कांग्रेस का आरोप है कि नगर निगम जनता को शुद्ध पानी देने में पूरी तरह नाकाम रहा है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
बाउंड्रीवाल के लिए आंदोलन, गंदे पानी पर चुप्पी क्यों?
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा ने भाजपा नेताओं के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब कोमल नगर में बाउंड्रीवाल गिरती है तो भाजपा नेता आत्मदाह की धमकी देते हैं, लेकिन जब शहर की जनता 10 दिनों तक पानी के लिए तरसती है और सीवरेज मिला पानी पीती है, तब उनकी आवाज नहीं निकलती। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि इंदौर के 'भगीरथपुरा कांड' जैसी स्थिति रतलाम में पैदा नहीं होने दी जाएगी।
घर की खेती भी नहीं संभाल पा रहे महापौर! जिस क्षेत्र ने बनाया 'प्रथम नागरिक', वहीं की जनता पी रही गंदा पानी
कांग्रेस ने महापौर प्रहलाद पटेल के खिलाफ तीखी बयानबाजी करते हुए कहा कि उनके अपने ही क्षेत्र अलकापुरी की जनता दूषित पानी और बदहाली से जूझ रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की संवेदनशीलता मर चुकी है और वे केवल धर्म के नाम पर वोट लेना जानते हैं। कांग्रेस ने संकल्प लिया है कि जब तक शहरवासियों को शुद्ध पेयजल का अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह आंदोलन सड़क से सदन तक जारी रहेगा।
तकनीकी कमियों और सीवरेज सिस्टम पर प्रहार
कांग्रेस महामंत्री पारस सकलेचा ने सीवरेज योजना में बरती गई भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए इसे जनता के लिए जानलेवा बताया। उन्होंने कहा कि सीवरेज पाइपलाइन में घटिया सामग्री का उपयोग और तकनीकी नियमों की अनदेखी के कारण मल-मूत्र की गंदगी पीने के पानी में मिल रही है। सकलेचा ने मांग की है कि प्रशासन दूषित पानी की पीचई (PHE) लैब में जांच का खर्च खुद उठाए और जल ऑडिट की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाए ताकि 'भगीरथपुरा' जैसी त्रासदी दोबारा न हो।
स्थानीय नेतृत्व और जन-आंदोलन की चेतावनी
वरिष्ठ नेत्री यास्मिन शेरानी और अन्य वक्ताओं ने महापौर प्रहलाद पटेल पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस क्षेत्र ने उन्हें पार्षद से महापौर बनाया, आज वही क्षेत्र दूषित पानी और बदहाली की मार झेल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने जनता से अपने अधिकारों के लिए जागने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि जल आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर धर्म के नाम पर वोट लेने और जनसमस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
मंच से रजनीकांत व्यास, कमरुद्दीन कछवाय, राजीव रावत, सतीश पुरोहित,राकेश झालानी, सलीम बागवान, नासिर कुरैशी, हितेश पैमाल, निलेश शर्मा, शैलेन्द्र अठाना, वाहिद शैरानी, कुसुम चाहर, आशा रावत, रामचंद्र धाकड़ द्वारा संबोधन किया गया।
प्रदर्शन में ये भी रहे उपस्थित
प्रदीप राठौर, शांतू गवली, महमूद शैरानी, सुजीत उपाध्याय, शाकिर खान, किशन दादा, वीरेंद्र सिंह, रोहित मीणा, डॉक्टर मुस्तफा, सत्यनारायण बैरागी, इक्का बेलूत, विजय उपाध्याय, बसंत पंड्या, मनोज पांडेय, हिम्मत जैतवार, रमेश पोरवाल, विजय पांडिया, शेरू खान, सुमित यादव, हरविंदर सिंह, सोनू व्यास, जगदीश अकोदिया, इकरार चौधरी सहित कई कांग्रेस नेता उपस्थित रहे। धरना प्रदर्शन का संचालन राजीव रावत ने किया और आभार व्यक्त अनिल पुरोहित द्वारा किया गया।
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