PMAY आवास खाली कराने पहुंचा निगम : विरोध में सड़क पर उतरे रहवासी : कलेक्टर कार्यालय के बाहर बैठे धरना पर : पूर्व महापौर पारस सकलेचा और आयुक्त अनिल भाना के बीच हुई तीखी बहस
बेदखली की कार्रवाई का विरोध करते हुए डोसीगांव मल्टी के रहवासी अपने घरों पर ताले लगाकर नवागत कलेक्टर से मिलने और अपनी बात रखने के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें कलेक्ट्रेट के बाहर ही रोक लिया। इसके बाद बड़ी संख्या में रहवासी कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) डोसीगांव स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के ईडब्ल्यूएस आवास परिसर में बकाया राशि जमा नहीं करने वाले 200 से अधिक परिवारों के खिलाफ नगर निगम ने बुधवार को बेदखली की कार्रवाई शुरू कर दी। निगम द्वारा निर्धारित 4 अगस्त की अंतिम समय-सीमा समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम का अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा और फ्लैट खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की।
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए महिला पुलिस बल सहित बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए। वहीं कलेक्टर कार्यालय के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
बेदखली की कार्रवाई का विरोध करते हुए डोसीगांव मल्टी के रहवासी अपने घरों पर ताले लगाकर नवागत कलेक्टर से मिलने और अपनी बात रखने के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें कलेक्ट्रेट के बाहर ही रोक लिया। इसके बाद बड़ी संख्या में रहवासी कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया, डीएसपी आनंद सोनी, दो बत्ती थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम और औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी गायत्री सोनी सहित प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रहे।
निगम आयुक्त और पारस सकलेचा के बीच हुई तीखी नोकझोंक
इधर, कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता पारस सकलेचा भी डोसीगांव मल्टी पहुंचे और रहवासियों से चर्चा की। उन्होंने बारिश के मौसम में गरीब परिवारों को बेघर किए जाने की कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की। इस दौरान उनकी नगर निगम आयुक्त अनिल भाना से तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच हुई नोकझोंक के दौरान माहौल काफी गरमा गया। बहस के बीच सकलेचा द्वारा आयुक्त की नौकरी को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद और बढ़ गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद रहवासियों ने भी नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कार्रवाई का विरोध किया।
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