नौकरी में ईमानदारी, मैदान में महारत : रिटायरमेंट से पहले ट्रॉफी जीतकर शादाब खान ने रचा सुनहरा अंत
शादाब खान की कोचिंग क्षमता का ताजा उदाहरण हाल ही में रतलाम में आयोजित अंतर मंडलीय फुटबॉल प्रतियोगिता में देखने को मिला। उनके मार्गदर्शन में रतलाम मंडल की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।
रतलाम ( प्रकाशभारत न्यूज़) रतलाम रेल मंडल में सीटीआई पद से इसी माह सेवानिवृत्त हो रहे फुटबॉल कोच शादाब खान ने अपने मृदुल स्वभाव और उत्कृष्ट खेल प्रतिभा से 37 वर्षों तक सभी का दिल जीता। नौकरी के दौरान जहां उन्होंने टिकट चेकिंग जैसे जिम्मेदार कार्य में बेदाग सेवाएं दीं, वहीं खेल के मैदान में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
शादाब खान की कोचिंग क्षमता का ताजा उदाहरण हाल ही में रतलाम में आयोजित अंतर मंडलीय फुटबॉल प्रतियोगिता में देखने को मिला। उनके मार्गदर्शन में रतलाम मंडल की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में रतलाम मंडल ने परेल वर्कशॉप को 1-0 से हराया। मैच का एकमात्र गोल रोहित ने 16वें मिनट में दागा।
शादाब खान ने 1989 से 2026 तक खिलाड़ी, कोच और निर्णायक के रूप में लगातार 37 वर्षों तक फुटबॉल को समर्पित किया। उनके खेल के प्रति जुनून और समर्पण ने रतलाम मंडल को कई उपलब्धियां दिलाईं।
सेवानिवृत्ति के बाद भी वे फुटबॉल से जुड़े रहकर नई प्रतिभाओं को तराशने का काम जारी रखेंगे। खेल प्रेमियों का मानना है कि शादाब खान भविष्य में भी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे और रतलाम मंडल के फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रतियोगिता में तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में मुंबई डिवीजन ने राजकोट डिवीजन को हराकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर आईडीएसए के सचिव पीयूष पांडे ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और पदक देकर सम्मानित किया।
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