पोल्ट्री फार्म में चल रही थी ड्रग फैक्ट्री : डॉक्टर निकला ड्रग माफिया का मास्टरमाइंड : रतलाम पुलिस का बड़ा खुलासा
मुख्य आरोपी जमशेद खान उर्फ ‘डॉक्टर’ को ड्रग्स की दुनिया का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जिसे एमडी बनाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी है। पुलिस के अनुसार, वह पिछले 6-7 सालों में करीब 250 किलो एमडी ड्रग तैयार कर सप्लाई कर चुका है और उसके तार देश के बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़े हैं।
रतलाम/जावरा (प्रकाशभारत न्यूज़) रतलाम पुलिस ने ड्रग माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस बार कार्रवाई जावरा तहसील के राजस्थान सीमा से सटे गांव बोरखेड़ा में की गई, जहां एक पोल्ट्री फार्म की आड़ में एमडी ड्रग बनाने का काम चल रहा था। पुलिस ने फैक्ट्री को सीज कर मुख्य सरगना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मंगलवार को एसपी अमित कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि कार्रवाई के दौरान करीब 200 ग्राम तैयार एमडी ड्रग बरामद हुई है, जिसकी कीमत लगभग 20 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा भारी मात्रा में केमिकल्स भी जब्त किए गए हैं, जिनमें 2-ब्रोमो-4-मेथाइलप्रोपिओफेनोन (900 ग्राम), 140.48 किलो एमडीसी केमिकल और 35.600 किलो एचसीएल शामिल हैं। मौके से गैस सिलेंडर, चूल्हा, भट्टी, ड्रायर मशीन, प्रोसेसिंग उपकरण और अन्य सामान भी बरामद हुआ।
एसपी ने बताया कि लंबे समय से रतलाम-राजस्थान बॉर्डर पर पुलिस की निगरानी जारी थी। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद एसपी के निर्देशन और एएसपी विवेक कुमार व एसडीओपी संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में साइबर सेल, पिपलौदा, जावरा और औद्योगिक थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने पैदल और बाइक से क्षेत्र में सर्चिंग करते हुए केमिकल की गंध और अन्य सुरागों के आधार पर पोल्ट्री फार्म पर दबिश दी और चार आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
मुख्य आरोपी जमशेद खान उर्फ ‘डॉक्टर’ को ड्रग्स की दुनिया का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जिसे एमडी बनाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी है। पुलिस के अनुसार, वह पिछले 6-7 सालों में करीब 250 किलो एमडी ड्रग तैयार कर सप्लाई कर चुका है और उसके तार देश के बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़े हैं।
पुलिस ने इस मामले में सरकारी चौकीदार (कोटवार) युसूफ, पोल्ट्री फार्म मालिक सलीम उर्फ राजू और रईस खान को भी गिरफ्तार किया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे ड्रग सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।
एसपी ने बताया कि इससे पहले भी इसी क्षेत्र के चिकलाना गांव में 16 जनवरी को एमडी फैक्ट्री पकड़ी गई थी। रतलाम-राजस्थान बॉर्डर, मंदसौर और नीमच क्षेत्र नारकोटिक्स गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील बने हुए हैं। पुलिस को आशंका है कि तीन दिन पहले ही यहां से 3 किलो एमडी राजस्थान में सप्लाई की गई थी। मामले में अन्य एजेंसियां भी जांच में शामिल हो सकती हैं।
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