भव्य पेशवाई, संत समागम और वैदिक विधानों के बीच संपन्न हुआ ऐतिहासिक पट्टाभिषेक समारोह : 13 अखाड़ों के संतों की मौजूदगी में आनंद गिरी महाराज बने महामंडलेश्वर
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं 13 अखाड़ों के अध्यक्ष स्वामी रवींद्र पुरी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधानों के बीच महंत आनंद गिरी महाराज को महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) रतलाम शहर ने बुधवार को एक ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनते हुए अपने धार्मिक इतिहास में नया अध्याय जोड़ा, जब पहली बार शहर में महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ।" श्री पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के तत्वावधान में आयोजित भव्य महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव में सैलाना क्षेत्र के ग्राम आडवाणिया स्थित आश्रम के महंत श्रीश्री 1008 आनंद गिरी महाराज का वैदिक रीति-रिवाजों एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया। शहर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर किसी संत का महामंडलेश्वर अभिषेक समारोह आयोजित हुआ।
संतों की पेशवाई ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह श्री राम मंदिर से निकली भव्य पेशवाई से हुई। सुसज्जित रथों, आकर्षक झांकियों, संत-महात्माओं और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को भक्ति और उत्साह से सराबोर कर दिया। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सैलाना रोड स्थित श्रीजी पैलेस पहुंची, जहां मुख्य समारोह आयोजित किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ पट्टाभिषेक
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं 13 अखाड़ों के अध्यक्ष स्वामी रवींद्र पुरी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधानों के बीच महंत आनंद गिरी महाराज को महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में संतों ने सनातन धर्म की परंपराओं, अखाड़ा व्यवस्था की महत्ता और समाज में आध्यात्मिक जागरण की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
देशभर के संत-महात्माओं का रहा सान्निध्य
समारोह में निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, आनंद अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी महाराज, पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रामरतन गिरी महाराज, उज्जैन चारधाम आश्रम के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज सहित देशभर से आए अनेक संत, विद्वान और धर्माचार्य उपस्थित रहे।
सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का लिया संकल्प
महामंडलेश्वर पद से अलंकृत होने के बाद आनंद गिरी महाराज ने इसे अपने गुरुओं की कृपा और समाज की सेवा का दायित्व बताते हुए सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, आध्यात्मिक जागरण और लोककल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।
आयोजन में सहयोगियों का जताया आभार
शिवोदय शिवशक्ति साधना सेवा संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि आयोजन को लेकर रतलाम एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। संस्था के अध्यक्ष युवराज सिंह परिहार, सचिव महर्षि संजय शिवशंकर दवे, महामंत्री काजल गुरु (जागीरदार), सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष अनिल झालानी, समरथ पाटीदार सहित अन्य पदाधिकारियों ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
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