ग्रीन फील्ड फोरलेन विवाद : सीढ़ियों पर धरने पर विधायक, चैंबर मे चर्चा से इंकार : जनता के बीच सुनिए : 15 मिनट बाद बाहर आईं कलेक्टर : किसानों की बाजार भाव मुआवज़े की मांग
इसी दौरान कलेक्टर , विधायक से मिलने बाहर नहीं पहुंची तो विधायक जी बाहर कलेक्ट की सीढ़ीयो पर ही इंतजार करने लगे । गतिरोध बढ़ता देख करीब 15 मिनट तक बाद कलेक्टर चैंबर से निकलकर, किसानों और विधायक से मिलने पहुंची ।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड फोरलेन परियोजना को लेकर रतलाम में एक बार फिर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच टकराव देखने को मिला।
आलोट विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय किसानों के साथ कलेक्टर से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। इस दौरान कलेक्टर और एसडीएम द्वारा विधायक को चैंबर में मिलने के लिए बुलाया गया, लेकिन विधायक ने साफ कहा कि मुद्दा जनता से जुड़ा है, इसलिए बातचीत भी जनता के बीच ही होनी चाहिए।
जब कलेक्टर मिशा सिंह चैंबर से बाहर नहीं आईं, तो विधायक कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर ही बैठ गए और वहीं इंतजार करने लगे। करीब 15 मिनट तक चले इस गतिरोध के बाद कलेक्टर चैंबर से बाहर निकलीं और विधायक व किसानों से मुलाकात की।
किसानों ने जमीन के लिए प्रस्तावित ढाई लाख रुपए प्रति बीघा मुआवजे को कम बताते हुए बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा देने की मांग की। इस पर कलेक्टर मिशा सिंह ने मुआवजे की समीक्षा करवाने का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिला पंचायत अध्यक्ष को कलेक्टर से मिलने के लिए कलेक्ट्रेट में धरना देना पड़ा था। अब आलोट विधायक को भी सीढ़ियों पर बैठकर इंतजार करना पड़ा, जिससे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ती दूरी एक बार फिर उजागर हुई है।
फिलहाल, यह टकराव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है, जो प्रशासनिक समन्वय के लिए ठीक संकेत नहीं माना जा रहा है।
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