सड़कों पर मवेशियों का आतंक : कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम टीम से मारपीट : कर्मचारियों ने थाने का किया घेराव : एफआईआर दर्ज
निगम कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ लोगों ने टीम के साथ गाली-गलौज और झूमाझटकी की तथा वाहन में बंद मवेशियों को जबरन छुड़ा लिया। घटना के बाद निगम कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) शहर में आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या अब लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। सड़कों, चौराहों और रिहायशी इलाकों में घूम रहे मवेशियों के कारण आए दिन हादसों की स्थिति बन रही है। नगर निगम द्वारा जब भी इन्हें पकड़ने की कार्रवाई शुरू की जाती है, विरोध और विवाद के चलते अभियान बीच में ही अटक जाता है। सोमवार देर रात डीडी नगर क्षेत्र में भी मवेशी पकड़ने गई निगम टीम के साथ विवाद होने के बाद मामला फिर गरमा गया।
सोमवार देर रात डीडी नगर क्षेत्र में नगर निगम की टीम आवारा मवेशियों को पकड़ने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। निगम कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ लोगों ने टीम के साथ गाली-गलौज और झूमाझटकी की तथा वाहन में बंद मवेशियों को जबरन छुड़ा लिया। घटना के बाद निगम कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई।
मंगलवार सुबह सफाई कर्मचारियों और वार्ड प्रभारियों ने विरोध जताते हुए डीडी नगर थाने का घेराव किया। कर्मचारियों ने कई कचरा वाहन थाने के बाहर खड़े कर दिए, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई। कर्मचारियों का कहना है कि यदि कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस सुरक्षा नहीं मिलेगी, तो वे भविष्य में मवेशी पकड़ने का अभियान नहीं चलाएंगे।
निगम कर्मचारियों के अनुसार सोमवार रात करीब 1:45 बजे टीम ने डीडी नगर क्षेत्र से पांच आवारा मवेशियों को पकड़ा था। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और कर्मचारियों के साथ मारपीट की स्थिति बन गई। कर्मचारियों ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई जरूरी है, लेकिन सुरक्षा के अभाव में अभियान चलाना जोखिमपूर्ण हो गया है।
इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में आवारा मवेशियों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कई चौराहों और सड़कों पर मवेशियों के झुंड बैठे रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके, कार्रवाई के दौरान हर बार विरोध सामने आने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
डीडी नगर पुलिस ने निगम कर्मचारियों की शिकायत पर शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं शहरवासियों का मानना है कि यदि अभियान इसी तरह विवादों में उलझता रहा, तो आवारा मवेशियों से जुड़ी समस्या पर नियंत्रण पाना मुश्किल होगा।
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