85 वर्षीय बुजुर्ग सुरक्षित पहुंचे घर : ट्रेन में अकेले सफर कर रहे थे : रतलाम में काकानी ने उतारकर परिवार से मिलवाया

गोविंद काकानी ने तत्परता दिखाते हुए रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) और जीआरपी से संपर्क कर शंकर लाल शर्मा को रतलाम रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित उतारने की व्यवस्था करवाई।

May 5, 2026 - 12:37
May 5, 2026 - 12:38
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85 वर्षीय बुजुर्ग सुरक्षित पहुंचे घर : ट्रेन में अकेले सफर कर रहे थे : रतलाम में काकानी ने उतारकर परिवार से मिलवाया

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) एक चिंताजनक स्थिति उस समय सुखद अंत में बदल गई, जब मुंबई के मलाड निवासी 85 वर्षीय शंकर लाल शर्मा सकुशल अपने परिवार तक पहुंच गए।

जानकारी के अनुसार, शंकर लाल शर्मा मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे बिना किसी को बताए घर से निकल गए और रेलवे स्टेशन पहुंचकर एक ट्रेन में सवार हो गए। उन्हें यह भी नहीं पता था कि वे कहां जा रहे हैं। काफी समय से घर से बाहर नहीं निकलने के कारण उन्होंने अचानक यह कदम उठाया।

इधर, सुबह जब परिवार वालों ने उन्हें घर पर नहीं पाया तो वे चिंतित हो गए और शहरभर में उनकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस थाने में गुमशुदगी की सूचना भी दर्ज कराई गई।

इस बीच, ट्रेन में उनके सामने बैठे एक सजग यात्री ने बातचीत के दौरान उनकी स्थिति समझी और परिवार का मोबाइल नंबर लेकर संपर्क किया। सूचना मिलते ही परिवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े समाजसेवी गोविंद काकानी से मदद मांगी।

गोविंद काकानी ने तत्परता दिखाते हुए रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) और जीआरपी से संपर्क कर शंकर लाल शर्मा को रतलाम रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित उतारने की व्यवस्था करवाई। ट्रेन पहुंचते ही उन्हें उतारकर जीआरपी थाने ले जाया गया और परिवार को इसकी सूचना दी गई।

परिवार के कहने पर उन्हें जावरा निवासी अरुण शर्मा के परिवार के साथ सुरक्षित भिजवाया गया। बाद में उनके पोते अभिषेक शर्मा भी उन्हें लेने के लिए रवाना हो गए।

शंकर लाल शर्मा ने बताया कि वे पूर्व में भौतिक शास्त्र के शिक्षक रह चुके हैं और सेवानिवृत्ति के बाद परिवार के साथ रह रहे थे।

अपने दादाजी के सकुशल घर पहुंचने पर परिवारजनों ने गोविंद काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन, जीआरपी, आरपीएफ, रेलवे स्टेशन अधीक्षक और रेलवे स्टाफ का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.