अगरजी महादेव मंदिर विवाद : सनातन धर्मसभा ने कहा —आयोजन पूरी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ : शिवरात्रि प्रसादी मामले को बेवजह तूल, ज्ञापन पर दिया जवाब
उन्होंने कहा कि एक सामान्य धार्मिक आयोजन को अनावश्यक रूप से विवाद का रूप दिया जा रहा है, जबकि आयोजन पूरी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ था।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) शहर के प्राचीन चौमुखा महादेव मंदिर (अगरजी मंदिर) में महाशिवरात्रि पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद के बाद रविवार को सनातन धर्मसभा ने पत्रकार वार्ता कर अपना पक्ष रखा। यह प्रतिक्रिया समग्र जैन समाज द्वारा दिए गए ज्ञापन के संदर्भ में सामने आई।
सनातन धर्मसभा एवं श्री महारूद्र यज्ञ समिति के अध्यक्ष अनिल झालानी और महामंत्री नवनीत सोनी ने कहा कि मंदिर से जुड़े विषय को अनावश्यक रूप से विवादित बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि वर्ष में एक बार आने वाला पर्व है, जिस दिन अलमारी में सुरक्षित रखी जाने वाली प्राचीन देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को बाहर निकालकर विधि-विधान से पूजन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि शिवरात्रि के अवसर पर महाभिषेक और विशेष पूजा संपन्न हुई। इसके बाद भगवान शिव एवं माता पार्वती को फरियाली चिप्स और कलाकंद का भोग अर्पित किया गया तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई।
धर्मसभा पदाधिकारियों के अनुसार, महाशिवरात्रि के अगले दिन सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया गया, जिसमें मंदिर परिसर में गंदगी फैलाने और जानबूझकर आलू खाने जैसे आरोप लगाए गए। इसके बाद ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें “अवांछित गतिविधि” और “अजैन” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है।
उन्होंने कहा कि एक सामान्य धार्मिक आयोजन को अनावश्यक रूप से विवाद का रूप दिया जा रहा है, जबकि आयोजन पूरी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ था।
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