हौसलों की जीत : दोनों हाथ गंवाने के बाद भी अब्दुल ने पैरा यूथ एशियन गेम्स में रचा इतिहास : 3 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज पर किया कब्जा
बचपन में एक हादसे में अब्दुल ने अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे, लेकिन इस कठिन परिस्थिति को उन्होंने अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) रतलाम के दिव्यांग तैराक अब्दुल ने दुबई में आयोजित पैरा यूथ एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। प्रतियोगिता में 26 देशों के दिव्यांग खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जहां अब्दुल ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए कुल चार पदक अपने नाम किए।
अब्दुल ने 50 मीटर बैक स्ट्रोक, 100 मीटर फ्री स्टाइल और 50 मीटर फ्री स्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर ऐतिहासिक सफलता हासिल की, जबकि 50 मीटर बटरफ्लाई में कांस्य पदक अपने नाम किया।
बचपन में एक हादसे में अब्दुल ने अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे, लेकिन इस कठिन परिस्थिति को उन्होंने अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। हादसे के बाद तैराकी को अपना लक्ष्य बनाकर अब्दुल ने कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया। अब्दुल के पिता की शहर में हार्डवेयर की दुकान है।
लगातार अभ्यास और संघर्ष के दम पर अब्दुल आज प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रतलाम का नाम रोशन कर रहे हैं। उनका सपना ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का तिरंगा शान से लहराना है।
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