कुएं कि मौत पर बनती ईमारत
अगर ऐसा ही हादसा इस निर्माणाधीन ईमारत के साथ भी हो गया तो जिम्मेदार आखिर कौन होगा। बनने के पहले ही इस ईमारत निर्माण मे दो-दो हादसे हो चुके हैं
चर्चा चौराहे की.......
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) रतलाम की एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की चर्चा इन दिनों शहर के प्रमुख बाजार में सुर्खियों में है। कभी इस निर्माणाधीन बिल्डिंग की छत झूल जाती है तो कभी यहां भर भराकर दीवार गिरने से दो-दो मजदूरों की जान पर बन आती है। जी हां बात दौलतगंज स्थित एक ऐसी निर्माणाधीन ईमारत की जिसकी बुनियाद ही पुराने ऐतिहासिक कुंए को समतल कर रखी गई है ।
सूत्रों के अनुसार दौलतगंज निवासी पियूष भंडारी द्वारा पुनः मकान निर्माण की जा रही दिवार गिरने से एक आदिवासी महिला की मृत्यु हो गई थी। कुए को भरने के बाद भी हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे
आपको याद होगा इंदौर का स्नेह नगर शिव मंदिर का वह हादसा जिसमें बावड़ी के ऊपर मंदिर बनाया गया था और त्यौहार के दिन भीड़ बढ़ी तो पूरे का पूरा मंदिर, बावड़ी में समा गया। इस हादसे में 20 से अधिक श्रद्धालुओं की जान गई थी।
अगर ऐसा ही हादसा इस निर्माणाधीन ईमारत के साथ भी हो गया तो जिम्मेदार आखिर कौन होगा। बनने के पहले ही इस ईमारत निर्माण मे दो-दो हादसे हो चुके हैं। छत झूल गई जिसके बाद पूरे की पूरी निर्माणाधीन बिल्डिंग को ही तोड़कर वापस समतल किया गया और अब हाल ही में ऊंची दीवार भर भर कर मजदूरों पर गिर गई।
यह हादसे इस बात की ओर ईशारा कर रहे हैं कि कहीं कुछ तो गड़बड़ है। जो नियमों को ताक पर रखकर बिल्डिंग तानी जा रही है। खैर नगर निगम के जिम्मेदारों को चाहिए कि मौके पर पहुंचकर कम से निर्माण कि वास्तविकता को जांचे ताकि भविष्य में होने वाले हादसो से बचा जा सके।
इतनी घटनाओं के बाद भी भूमि स्वामी एवं नगर निगम इसे गंभीरता से नहीं ले रहा या हादसे का इंतजार कर रहा है।
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