सृजन कॉलेज ने रतलाम को दी पॉलीटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की नई सौगात : 10 वीं के बाद अब रतलाम में ही मिलेगी रोजगारोन्मुखी तकनीकी शिक्षा

संस्था के चेयरमेन श्री अनिल झालानी ने बताया कि सृजन कॉलेज का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को हुनर, आत्मविश्वास एवं सफल भविष्य के लिए तैयार करना है।

Jun 25, 2026 - 08:20
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सृजन कॉलेज ने रतलाम को दी पॉलीटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की नई सौगात : 10 वीं के बाद अब रतलाम में ही मिलेगी रोजगारोन्मुखी तकनीकी शिक्षा

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) सृजन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड साइंस द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पॉलीटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की शुरुआत कर रतलाम एवं आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा की नई सौगात दी जा रही है। इस पहल से 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

वर्ष 2009 से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विश्वसनीयता, अनुशासन एवं विद्यार्थी-केंद्रित वातावरण के लिए प्रतिष्ठित सृजन कॉलेज अब स्थानीय युवाओं को उनके अपने शहर में ही आधुनिक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराकर रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करेगा।

महाविद्यालय में इस वर्ष से पॉलीटेक्निक के अंतर्गत सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग जैसे रोजगारपरक डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। वहीं 12वीं के बाद बी.टेक. स्तर पर सिविल, मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल इंजीनियरिंग जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम पूर्व से ही संचालित किए जा रहे हैं।

पॉलीटेक्निक डिप्लोमा धारक विद्यार्थियों को आगे बी.टेक. में लेटरल एंट्री के माध्यम से सीधे उच्च अध्ययन का अवसर भी प्राप्त होगा। सृजन कॉलेज से बी.टेक. की शिक्षा प्राप्त कर चुके सैकड़ों विद्यार्थी आज देश-विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

संस्था के चेयरमेन श्री अनिल झालानी ने बताया कि सृजन कॉलेज का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को हुनर, आत्मविश्वास एवं सफल भविष्य के लिए तैयार करना है। इसी लक्ष्य के तहत आधुनिक प्रयोगशालाएं, वर्कशॉप, अनुभवी फैकल्टी, प्लेसमेंट सहायता, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जे.एस. यादव ने कहा कि अपने ही शहर में अध्ययन करने से विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं अनुशासित वातावरण, पारिवारिक सहयोग तथा कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलता है। सही शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और विद्यार्थियों का परिश्रम ही उनके उज्ज्वल भविष्य का आधार बनता है।

समन्वयक श्री निसर्ग दुबे ने बताया कि पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए आगामी सत्र की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है तथा इच्छुक विद्यार्थी महाविद्यालय से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.