गांव बनबनी की बेटी प्रेमलता ने रचा सफलता का इतिहास : GMC भोपाल में हासिल किया MBBS में प्रवेश
सरकारी स्कूल से पढ़ाई, B.Sc. और M.Sc. के साथ NEET की तैयारी; अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट के मार्गदर्शन में एक साल की मेहनत से पूरा किया डॉक्टर बनने का सपना
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) छोटे से गांव बनबनी की बेटी प्रेमलता ने सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बीच अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से सफलता की ऐसी कहानी लिखी है, जो पूरे क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। प्रेमलता ने NEET-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में MBBS में प्रवेश हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गांव और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।
सरकारी स्कूल से पढ़ाई, डॉक्टर बनने का सपना
प्रेमलता की प्रारंभिक शिक्षा गांव बनबनी के शासकीय विद्यालय से हुई। इसके बाद उन्होंने कामठाना के शासकीय विद्यालय से आगे की पढ़ाई पूरी की। शुरू से ही सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली प्रेमलता के परिवार की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण रही। इसके बावजूद माता-पिता ने बेटी की पढ़ाई जारी रखने के लिए हरसंभव प्रयास किया।
12वीं के बाद प्रेमलता ने B.Sc. में प्रवेश लिया और स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने M.Sc. में दाखिला लिया। इसी दौरान उनके मन में डॉक्टर बनने का सपना आकार लेने लगा।
प्रेमलता बताती हैं कि 12वीं तक उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि डॉक्टर बनने के लिए किस प्रकार की पढ़ाई और परीक्षा आवश्यक होती है। आगे की पढ़ाई के लिए रतलाम आने पर उन्हें NEET के माध्यम से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की जानकारी मिली। यहीं से उन्होंने डॉक्टर बनने का लक्ष्य तय किया।
पहली कोशिश में नहीं मिली सफलता, फिर बदली तैयारी की रणनीति
M.Sc. के प्रथम वर्ष में पढ़ाई के साथ प्रेमलता ने पहली बार NEET की परीक्षा दी। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से तैयारी की, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इस अनुभव से उन्हें समझ आया कि NEET जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षा के लिए मेहनत के साथ सही रणनीति और अनुभवी मार्गदर्शन भी जरूरी है।
इसके बाद एक परिचित के माध्यम से उन्हें रतलाम के अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट की जानकारी मिली। M.Sc. के दूसरे वर्ष में उन्होंने अभ्यास ज्वाइन किया और कॉलेज की पढ़ाई के साथ NEET की तैयारी को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया।
एक साल की मेहनत ने बदल दी जिंदगी
अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट में प्रेमलता ने नियमित कक्षाओं, टेस्ट सीरीज, प्रश्नों के अभ्यास और कमजोर टॉपिक्स पर विशेष ध्यान देकर अपनी तैयारी मजबूत की। शिक्षकों के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी कमियों को दूर किया और लगातार बेहतर प्रदर्शन की दिशा में काम किया।
आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए संस्थान की ओर से भी उन्हें पढ़ाई में सहयोग प्रदान किया गया, ताकि आर्थिक परेशानी उनकी तैयारी में बाधा न बने।
M.Sc. की पढ़ाई के साथ NEET की तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन प्रेमलता ने दोनों के बीच संतुलन बनाते हुए करीब एक वर्ष तक निरंतर मेहनत की। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और NEET-2026 में सफलता हासिल कर उन्होंने GMC भोपाल में MBBS की सीट प्राप्त कर ली।
अभ्यास के डायरेक्टर बोले—प्रतिभा गांव में भी, जरूरत सही मार्गदर्शन की
अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. राकेश कुमावत ने प्रेमलता की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या महंगे स्कूल की मोहताज नहीं होती। यदि विद्यार्थी में मेहनत, लगन और आगे बढ़ने का जुनून हो तथा उसे सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो गांव और सामान्य आर्थिक परिस्थितियों से आने वाला विद्यार्थी भी देश की कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकता है।
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