सैलाना बस स्टैंड के पुनर्निर्माण की राह खुली : हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत : 15 जर्जर दुकानें जमींदोज

न्यायालय द्वारा दुकानदारों की ओर से प्रस्तुत स्थगन की मांग खारिज किए जाने के बाद नगर परिषद ने प्रशासन की मौजूदगी में सुलभ कॉम्प्लेक्स के समीप स्थित 15 जर्जर दुकानों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। दुकानों के हटने के साथ ही अब बस स्टैंड क्षेत्र के विस्तारीकरण और पुनर्निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

Aug 25, 2026 - 20:11
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सैलाना बस स्टैंड के पुनर्निर्माण की राह खुली : हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत : 15 जर्जर दुकानें जमींदोज

सैलाना (प्रकाशभारत न्यूज़) लंबे समय से विवादों में घिरे बस स्टैंड विस्तारीकरण मामले का सोमवार सुबह सुखद अंत हुआ। न्यायालय द्वारा दुकानदारों की ओर से प्रस्तुत स्थगन की मांग खारिज किए जाने के बाद नगर परिषद ने प्रशासन की मौजूदगी में सुलभ कॉम्प्लेक्स के समीप स्थित 15 जर्जर दुकानों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। दुकानों के हटने के साथ ही अब बस स्टैंड क्षेत्र के विस्तारीकरण और पुनर्निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।कार्यवाही के बाद बस स्टैंड व्यापारी संघ ने परिषद अध्यक्ष,परिषद टीम एवं प्रशासनिक अमले का फूलों से स्वागत किया।

मंगलवार अलसुबह करीब 5 बजे से ही कार्रवाई की तैयारियां शुरू हो गई थीं। मौके पर तहसीलदार मनीष जैन, थाना प्रभारी पिंकी आकाश, नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला सहित सरवन, बाजना, रावटी समेत चार थानों का पुलिस बल, नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी एवं सफाई मित्र मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर फायर ब्रिगेड, 112 वाहन और एंबुलेंस भी मौके पर तैनात किए गए थे।

प्रशासन की मौजूदगी में सभी दुकानों का पंचनामा तैयार किया गया तथा वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद नगर परिषद द्वारा बुलवाई गई तीन जेसीबी मशीनों ने कार्रवाई शुरू की। देखते ही देखते करीब दो घंटे में सभी 15 जर्जर दुकानें धराशायी कर दी गईं।

-विरोध के बाद कानूनी लड़ाई तक पहुंचा मामला

बस स्टैंड विस्तारीकरण की योजना सामने आने के बाद कुछ दुकानदारों ने दुकानों को हटाए जाने का विरोध किया था। मामला धीरे-धीरे कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया। दुकानदारों की ओर से हाईकोर्ट इंदौर से लेकर स्थानीय न्यायालय तक राहत पाने के प्रयास किए गए, लेकिन अंतिम प्रयास में स्थगन खारिज होने के बाद कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।

इस पूरे मामले में स्थानीय राजनीति के प्रवेश को लेकर भी चर्चाएं होती रही हैं। नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला ने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने दुकानदारों को मोहरा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया और समाधान का रास्ता दिखाने के बजाय उन्हें कानूनी लड़ाई की ओर आगे कर दिया।

अध्यक्ष शुक्ला के अनुसार, “कुछ नेताओं ने दुकानदारों को मोहरा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया। उन्हें समाधान का रास्ता दिखाने के बजाय कानूनी लड़ाई की ओर आगे किया गया। जब कार्रवाई का समय आया तो दुकानदारों के साथ खड़े दिखाई देने वाले लोग नजर नहीं आए।”

अब नए निर्माण की उम्मीद

जर्जर दुकानों के हटने के बाद बस स्टैंड क्षेत्र में नए निर्माण और बेहतर यातायात व्यवस्था की उम्मीद जगी है। नगर परिषद की योजना के अनुसार भविष्य में यहां नई एवं बेहतर दुकानें निर्मित किए जाने की स्थिति में पूर्व दुकानदारों को भी नियमानुसार दुकानें आवंटित किए जाने की संभावना है। इससे लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।

-विकास बनाम राजनीति का बड़ा संदेश

बस स्टैंड विस्तारीकरण को लेकर चला यह विवाद स्थानीय राजनीति के लिए भी एक बड़ा सबक माना जा रहा है। विकास कार्यों में राजनीतिक विरोध के बजाय जनहित और शहर के भविष्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

यदि यह विस्तारीकरण योजना किसी कारण से रुक जाती तो आगामी सिंहस्थ पर्व को देखते हुए बस स्टैंड को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था। ऐसी स्थिति में बस स्टैंड क्षेत्र के आसपास कारोबार करने वाले करीब दो सौ दुकानदारों के सामने भी बड़ा व्यावसायिक संकट खड़ा हो सकता था।

फिलहाल 15 जर्जर दुकानों के हटने के बाद बस स्टैंड क्षेत्र के विकास और पुनर्निर्माण की राह खुल गई है। कार्रवाई के बाद नगर में इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन बस स्टैंड के विस्तारीकरण और जर्जर दुकानों को हटाने की कार्रवाई को लेकर नगर परिषद की सराहना भी देखने को मिल रही है।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.