लोकप्रिय गणित शिक्षक सुदेश कपूर हुए सेवानिवृत :संस्था परिवार ने दी भावभीनी बिदाई
संस्था प्राचार्या साधना चौहान की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में सुदेश कपूर को सम्मानपूर्वक बिदाई दी गई। प्राचार्या चौहान ने कहा कि कपूर जैसे शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के निर्माता होते हैं — जो हर विद्यार्थी में आत्मविश्वास जगाते हैं।
सैलाना (प्रकाशभारत न्यूज) लगभग चार दशक तक विद्यार्थियों के मन में गणित को सरल और प्रिय विषय बनाने वाले शिक्षक सुदेश कपूर शुक्रवार को शिवगढ़ बालक माध्यमिक विद्यालय से प्रधानाध्यापक पद पर सेवानिवृत हुए।
कपूर अपनी शिक्षण कला और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के लिए प्रसिद्ध रहे। उन्होंने कमजोर विद्यार्थियों को भी गणित में निपुण बनाकर उत्कृष्ट परिणाम दिलाए। उनके पढ़ाए विद्यार्थी कई बार गणित में 100 में से 100 अंक प्राप्त करते रहे। वर्ष 2003 में सैलाना मॉडल स्कूल के तीन विद्यार्थियों ने एक साथ गणित में पूर्णांक प्राप्त किए थे — जो कपूर की मेहनत और मार्गदर्शन का परिणाम था।
सेवाकाल का संक्षिप्त ब्यौरा
सुदेश कपूर ने 1985 में देवास जिले के पूंजपुरा हाई स्कूल से बतौर उच्च श्रेणी शिक्षक अपनी शासकीय सेवा की शुरुआत की।
1991 में वे सैलाना मॉडल स्कूल में पदस्थ हुए और 2007 तक उत्कृष्ट सेवाएं दीं।
इसके बाद 2007 से 2009 तक सैलाना के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ रहे।
2009 से सेवानिवृत्ति तक उन्होंने शिवगढ़ की आदिवासी विकास विभाग की संस्थाओं में कार्य किया।
कपूर ने अपने कार्यकाल में विद्यार्थियों और अधिकारियों दोनों का सम्मान अर्जित किया।
कलेक्टर ने भी मांगा था परामर्श
वर्ष 2002 में तत्कालीन कलेक्टर ने सैलाना प्रवास के दौरान कपूर को रेस्ट हाउस पर बुलाकर यह जानना चाहा कि उनके विद्यार्थी गणित में पूर्णांक कैसे प्राप्त करते हैं। कपूर ने गणित सिखाने की अपनी सहज और प्रभावी पद्धति साझा की थी।
इसके अगले वर्ष 2003 में तीन विद्यार्थियों ने हाईस्कूल परीक्षा में गणित विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर यह सिद्ध भी कर दिखाया।
संस्था परिवार ने दी भावभीनी बिदाई
संस्था प्राचार्या साधना चौहान की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में सुदेश कपूर को सम्मानपूर्वक बिदाई दी गई।
प्राचार्या चौहान ने कहा कि कपूर जैसे शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के निर्माता होते हैं — जो हर विद्यार्थी में आत्मविश्वास जगाते हैं।
कपूर ने अपने संबोधन में कहा कि उनका जीवन लक्ष्य हमेशा यही रहा कि सरल प्रणाली से कठिन विषय गणित को विद्यार्थियों के मन में उतारना। उन्होंने संस्था परिवार और सहयोगियों के प्रति आभार जताया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक राजीव राठौड़ ने किया और आभार प्रदर्शन प्राचार्या चौहान ने किया। संस्था की ओर से उन्हें अभिनंदनपत्र भी भेंट किया गया।
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