करमदी में संदिग्ध गतिविधियों से दहशत : ग्रामीण खुद कर रहे रातभर पहरेदारी : सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल : ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीण राजेश पुरोहित के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों से गांव और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों की गतिविधियां दिखाई देने की जानकारी मिल रही है। इसके चलते ग्रामीण रात में मोटरसाइकिलों से गांव की सीमाओं, खेतों और सुनसान इलाकों में गश्त कर रहे हैं।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) माणकचौक थाना क्षेत्र के ग्राम करमदी में पिछले तीन दिनों से कथित संदिग्ध गतिविधियों की खबरों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि देर रात पिकअप और अन्य वाहनों से अज्ञात लोगों की आवाजाही देखी जा रही है, जिससे गांव में चोरी, डकैती जैसी वारदातों की आशंका के चलते भय का माहौल बन गया है। स्थिति ऐसी हो गई है कि ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा के लिए खुद रातभर पहरा देना पड़ रहा है।
रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण माणकचौक थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार संदिग्ध गतिविधियों की सूचनाओं के बावजूद क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं, जिसके चलते लोगों को स्वयं निगरानी करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
तीन दिन से जाग रहे ग्रामीण, खेती का काम भी प्रभावित
ग्रामीण राजेश पुरोहित के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों से गांव और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों की गतिविधियां दिखाई देने की जानकारी मिल रही है। इसके चलते ग्रामीण रात में मोटरसाइकिलों से गांव की सीमाओं, खेतों और सुनसान इलाकों में गश्त कर रहे हैं। कई ग्रामीणों को रात चार बजे तक जागना पड़ रहा है, जिससे उनकी नींद पूरी नहीं हो पा रही है और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मानसून पूर्व खेतों की तैयारियों का समय चल रहा है, लेकिन रातभर जागरण के कारण किसान दिन में खेती के काम पूरी क्षमता से नहीं कर पा रहे हैं।
ड्रोन निगरानी की मांग, 50 से अधिक हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन तैयार
गांव के नागरिकों ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी और ग्राम पंचायत को 50 से अधिक हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि गांव में रात के समय ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की जाए। यदि प्रशासन यह व्यवस्था नहीं कर सकता तो ग्रामीणों को स्वयं ड्रोन खरीदकर वैधानिक रूप से सुरक्षा निगरानी की अनुमति दी जाए।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि लगातार असुरक्षा के माहौल में वे अपने परिवार और संपत्ति की सुरक्षा के लिए रात में पहरा देने को मजबूर हैं। ऐसे में प्रशासन को तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाकर ग्रामीणों में विश्वास बहाल करना चाहिए।
पुलिस बोली— क्षेत्र में गश्त बढ़ाई गई
मामले में माणकचौक थाना प्रभारी विवेक चौहान ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा संदिग्ध गतिविधियों को लेकर शंका व्यक्त की गई थी। सूचना मिलते ही वे स्वयं पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में गश्त व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है तथा पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
"ग्रामीणों ने संदिग्ध तत्वों को लेकर शंका जाहिर की है। सूचना मिलने पर मैं स्वयं पुलिस बल को लेकर गांव पहुंचा था। क्षेत्र में मजबूत गश्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है।"
— विवेक चौहान, थाना प्रभारी, माणकचौक
What's Your Reaction?



