रतलाम की जनता से माफी मांगे एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप : 31 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव में रतलाम को एक रुपया भी नहीं दिला सके -पारस सकलेचा
सकलेचा ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन कॉन्सेप्ट के आधार पर 8000 किलोमीटर लंबा एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जाने के प्रस्ताव में देवास , शाजापुर , पीथमपुर का नाम है , लेकिन उसमें भी रतलाम को शामिल नहीं होना आश्चर्य की बात है
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) ग्लोबल इन्वेस्टर समित में 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव में रतलाम का नाम नहीं होने पर एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप को रतलाम की जनता से माफी मांगना चाहिए । रतलाम विधायक और माननीय एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप रतलाम के औद्योगिक प्रमोशन में बुरी तरह से असफल रहे हैं । यह आरोप पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने लगाया ।
सकलेचा ने कहां की दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर समित , 8 शहरों में रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव , ब्रिटेन और जर्मनी की निवेश यात्रा , चार महानगरों में निवेश मीटिंग और उसको मिलाकर 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव में रतलाम में एक रुपए के निवेश प्रस्ताव का नहीं होना तो ठीक , हजारों एकड़ में ऐट लेन के पास बन रहे इंडस्ट्रियल हब का भी उल्लेख तक नहीं है ।
सकलेचा ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन कॉन्सेप्ट के आधार पर 8000 किलोमीटर लंबा एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जाने के प्रस्ताव में देवास , शाजापुर , पीथमपुर का नाम है , लेकिन उसमें भी रतलाम को शामिल नहीं होना आश्चर्य की बात है ।
सकलेचा ने आरोप लगाया कि उद्योगपति विधायक के साथ-साथ एमएसएमई मंत्री होने के बाद भी निवेश के कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति का जिक्र नहीं होना , रतलाम में एक रुपए के निवेश प्रस्ताव का उल्लेख नहीं होना , तथा पिछले 10 साल में रतलाम में एक भी नए उद्योग का नहीं खुलना , इस बात का प्रमाण है की मंत्री शहर के साथ अपनी वफादारी निभाने में बुरी तरह असफल रहे हैं । और उन्हें इसके लिए शहर की जनता से माफी मांगना चाहिए ।
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