46.5° की तपिश से सबक : रतलाम में चलेगा 'त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान' : बरगद-पीपल-नीम से गढ़ेंगे शीतल भविष्य

विश्व के सबसे गर्म शहरों में शामिल होने के बाद हरियाली की दिशा में बड़ा संकल्प, भाई-बहन की पहाड़ी पर बनेगा ‘त्रिवेणी वन

Jul 4, 2026 - 09:59
Jul 4, 2026 - 22:50
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46.5° की तपिश से सबक : रतलाम में चलेगा 'त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान' : बरगद-पीपल-नीम से गढ़ेंगे शीतल भविष्य

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) इस वर्ष ग्रीष्म ऋतु में विश्व के सबसे गर्म शहरों की सूची में शामिल रहे रतलाम को फिर से हरित और शीतल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। 5 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक रतलाम-शिवगढ़ रोड स्थित भाई-बहन की पहाड़ी पर 'त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान' के तहत वृहद स्तर पर त्रिवेणी (बरगद, पीपल और नीम) का रोपण किया जाएगा।

‘त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान’ को लेकर महत्वपूर्ण बैठक 5 जुलाई 2026 को शाम 4.00 बजे विधायक सभागृह, बरबड़ रोड, रतलाम पर होगी। इसमें समाज के सभी वर्गों के प्रमुख, पर्यावरणविद, प्रकृति प्रेमी, स्वयंसेवक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं तथा संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे। इस दौरान महाअभियान के पोस्टर का विमोचन के साथ ही सभी को महाअभियान के संबंध जानकारी दी जाएगी।

अलग-अलग चरणों में चलेगा अभियान

त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान अलग-अलग चरणों में चलेगा। पहले चरण में 5 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक शिवगढ़ रोड स्थित भाई-बहन की पहाड़ी पर 1100 त्रिवेणी का रोपण होगा। इसके बाद अन्य क्षेत्र में त्रिवेणी रोपण किया जाएगा। यह कार्य समाज के सहयोग से ही होगा। विशेष बात यह है कि इन पौधों की देख-रेख तब तक की जाएगी जब तक कि वे वृक्ष का रूप नहीं ले लेते। 

दो माह चला मंथन, तब बना महाअभियान' का खाका

बता दें कि, इस वर्ष ग्रीष्म ऋतु में रतलाम का अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है और रतलाम विश्व के 10 सबसे गर्म शहरों में शामिल हो चुका है। इस स्थिति को देखते हुए लगभग दो महीने से प्रबुद्धजनों, पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लगातार विचार-विमर्श किया। इसमें यह बात उभर कर आई कि जलवायु परिवर्तन और अन्य कारणों के अलावा गुजरात और राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म और शुष्क हवाओं के कारण स्थिति ज्यादा भयावह हो रही है। इसे रोकने का दीर्घकालिक उपाय रतलाम के आसपास सघन वन रोपण ही है। इसमें त्रिवेणी (बरगद, पीपल और नीम) महती भूमिका निभा सकती है। इन तीनों ही वृक्षों का वैज्ञानिक, औषधीय, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। ये जमीन का कटाव रोकने, वातावरण को स्वच्छ बनाने तथा अन्य वनस्पतियों और जीवों के संरक्षण में भी सहायक हैं।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.