विश्व के श्रेष्ठ विद्यालयों से सीखने को लेकर सांदीपनी विद्यालय में अकादमिक संवाद आयोजित : विश्व के पाँच उत्कृष्ट विद्यालयों के नवाचारों पर हुई चर्चा, स्थानीय स्तर पर अपनाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम की रूपरेखा एवं संचालन उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने किया। उन्होंने समुदाय भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार, आपदा प्रबंधन एवं विद्यार्थियों के समग्र स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विश्व के पाँच श्रेष्ठ विद्यालयों के कार्यों का परिचय देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यालय अपनी स्थानीय परिस्थितियों में कार्य करते हुए भी वैश्विक स्तर पर परिवर्तन का प्रेरक बन सकता है।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सांदीपनी विद्यालय, विनोबा, रतलाम में "विश्व के श्रेष्ठ विद्यालय पुरस्कार–2025 से सीख" विषय पर विशेष अकादमिक संवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्व के उत्कृष्ट विद्यालयों की कार्यप्रणालियों, नवाचारों एवं शिक्षण मॉडल का अध्ययन कर उन्हें स्थानीय स्तर पर लागू करने की संभावनाओं पर विचार करना था।
वैश्विक नवाचारों से मिली नई दिशा
कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षक राजेन्द्र शर्मा द्वारा रचित विद्यालय गीत "हम हैं सांदीपनी विद्यालय" पर आधारित एंट्री रूटीन से हुआ। कार्यक्रम की रूपरेखा एवं संचालन उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने किया। उन्होंने समुदाय भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार, आपदा प्रबंधन एवं विद्यार्थियों के समग्र स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विश्व के पाँच श्रेष्ठ विद्यालयों के कार्यों का परिचय देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यालय अपनी स्थानीय परिस्थितियों में कार्य करते हुए भी वैश्विक स्तर पर परिवर्तन का प्रेरक बन सकता है।
संवाद के दौरान बिद्राक्षी पंवार ने मेक्सिको के "आ फावोर देल नीन्यो" विद्यालय के सामुदायिक सहयोग मॉडल, कविता वर्मा ने संयुक्त अरब अमीरात के आर्बर विद्यालय की पर्यावरणीय पहल, हर्षिता सोलंकी ने अमेरिका के फ्रैंकलिन विद्यालय के नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल, श्यामा वर्मा ने ब्राज़ील के एस्कोला एस्तादुअल पार्के दोस सोन्योस विद्यालय की सामाजिक परिवर्तन की पहल तथा हीना शाह ने मलेशिया के एस.के. पुत्राजया प्रेसिन्ट 11(1) विद्यालय के मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन मॉडल का प्रस्तुतीकरण किया।
स्थानीय स्तर पर नवाचार लागू करने का संकल्प
समापन सत्र में राजाराम सेकवाडिया एवं शोभा ओझा ने दक्षता-आधारित शिक्षा और विद्यालय में संचालित नवाचारी प्रकल्पों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर प्राचार्य संध्या वोरा, प्रधान अध्यापक अनिल मिश्रा सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शासकीय हाई स्कूल कनेरी की शिक्षिका श्रद्धा सोनी सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों ने विश्व के श्रेष्ठ विद्यालयों की सफल कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर उन्हें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण प्रक्रिया में चरणबद्ध रूप से शामिल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग पिंकी सोलंकी ने प्रदान किया।
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