राष्ट्रीय बाल आयोग की अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के ट्वीट के बाद रतलाम प्रशासन आया हरकत में : कलेक्टर राजेश बाथम पहुंचे मदरसे

पिछले दिन मध्यप्रदेश बाल आयोग की सदस्य ने निरीक्षण के दौरान रतलाम में एक अवैध मदरसे में लड़कियों के कमरों में कैमरे लगे पाये थे।

Aug 6, 2024 - 16:03
Aug 6, 2024 - 20:01
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राष्ट्रीय बाल आयोग की अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के ट्वीट के बाद रतलाम प्रशासन आया हरकत में : कलेक्टर राजेश बाथम पहुंचे मदरसे

रतलाम (प्रकाशभारत) राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के ट्वीट के बाद रतलाम प्रशासन हरकत में आ गया। कलेक्टर राजेश बाथम में मदरसे का निरीक्षण किया और वहां रहने वाली बच्चियों को सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलवाने के आदेश दिए। कलेक्टर ने कहा कि इस मदरसे में पढ़ने वाली 43 बालिकाओं का स्कूल में एडमिशन नहीं था जिनका स्कूल में एडमिशन करवाया गया है ताकि बालिकाएं आधुनिक शिक्षा भी प्राप्त कर सके। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत 6 वर्ष से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को आधुनिक शिक्षा देना अनिवार्य है, यही कार्य प्रयास सभी मदरसों में किया जाएगा।

 पिछले दिन मध्यप्रदेश बाल आयोग की सदस्य ने निरीक्षण के दौरान रतलाम में एक अवैध मदरसे में लड़कियों के कमरों में कैमरे लगे पाये हैं। बाल आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने रतलाम एडीएम शालिनी श्रीवास्तव के प्रति भी आपनी नाराजगी जाहिर की हैं साथ ही इस मामले में प्रशासन को नोटिस जारी करने की बात भी कही है।

कार्यवाही के दौरान बाल आयोग की सदस्य के सामने इस मदरसे में बच्चियां बहुत बुरी हालातों में रखी हुई पाई गई थीं। आयोग ने पाया था कि छोटी बड़ी कई बच्चियों को कमरों में रखा गया था जिसके पर्याप्त स्थान भी नहीं था। सोने के लिए केवल दरी थी वह भी सभी को नहीं मिल रही थी। कई बच्चियां बीमार थीं लेकिन उनकी देखरेख का कोई इंतजाम नहीं था। निरीक्षण में एक 8 वर्षीय बच्ची तेज बुखार से पीड़ित नीचे नंगे फर्श पर पड़ी थी। सुरक्षित और उचित जीवन यापन के लिए जरूरी अधिकांश संसाधन भी मौजूद नहीं थे। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए आयोग ने जिला प्रशासन पर भी नाराजगी जताई थी। साथ ही सरकार से मदरसे पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की थी।

कुछ दिनों पूर्व मप्र बाल आयोग की सदस्य निवेदिता शर्मा ने मदरसे के निरीक्षण के दौरान पाया था कि यहां दूर दूर से बच्चियों को लाकर रखा जा रहा है जबकि इसकी विधिवत अनुमति भी उस समय संचालक नहीं बता पाए। बच्चियां जिन कमरों में रहती थीं वहां भी सीसीटीवी कैमरे लगे थे। बच्चियों को स्कूल तक नहीं भेजा जाता है। बच्चियों की निजता और शिक्षा के मूल अधिकारों के हनन पर नाराजगी जताते हुए निवेदिता शर्मा ने जिला प्रशासन से तत्काल इनकी डीवीआर जप्त करने के लिए कहा था। परंतु मंगलवार को अपने ट्वीट में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लिखा कि यह डीवीआर भी अब तक जप्त हुई है या नहीं इसकी जानकारी नहीं मिली है। ऐसे में आयोग अब नोटिस भी जारी कर सकता है।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.