अलनीनो की मार : अलनीनो के प्रभाव से जिले में अल्पवर्षा और सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका : केंद्र ने रतलाम को अलनीनो प्रभावित जिला किया घोषित

इस मानसून सत्र में 16 जुलाई तक जिले में केवल 228.38 मिमी (करीब 9 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 405.75 मिमी (करीब 16 इंच) वर्षा हो चुकी थी। लगातार बारिश नहीं होने से खेतों की नमी कम होने लगी है और फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

Jul 18, 2026 - 06:14
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अलनीनो की मार : अलनीनो के प्रभाव से जिले में अल्पवर्षा और सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका : केंद्र ने रतलाम को अलनीनो प्रभावित जिला किया घोषित

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़)  जिले में खरीफ सीजन की लगभग 98 प्रतिशत बोवनी पूरी हो चुकी है, लेकिन पिछले करीब एक सप्ताह से बारिश थमने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने रतलाम को अलनीनो प्रभावित जिलों की सूची में शामिल किया है। अलनीनो के प्रभाव से जिले में अल्पवर्षा और सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। ऐसे में कृषि विभाग ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में खरीफ फसलों की बोवनी का लक्ष्य 3 लाख 37 हजार 348 हेक्टेयर रखा गया था। 16 जुलाई तक 3 लाख 28 हजार 176 हेक्टेयर क्षेत्र में बोवनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 97.28 प्रतिशत है। सबसे अधिक रकबा सोयाबीन का है, जिसकी बोवनी 2 लाख 81 हजार 533 हेक्टेयर क्षेत्र में की गई है।

पिछले साल से आधी बारिश

इस मानसून सत्र में 16 जुलाई तक जिले में केवल 228.38 मिमी (करीब 9 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 405.75 मिमी (करीब 16 इंच) वर्षा हो चुकी थी। लगातार बारिश नहीं होने से खेतों की नमी कम होने लगी है और फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

दोबारा बोवनी के बाद फिर संकट

मानसून की देरी और शुरुआती बारिश के बाद लंबे अंतराल ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई किसानों को पहली फसल खराब होने के बाद दोबारा बोवनी करनी पड़ी। ग्राम धामनोद के किसान सुरेश पाटीदार ने बताया कि तेज बारिश से पहली बोवनी खराब हो गई थी, जिसके बाद 10 जुलाई को दोबारा सोयाबीन बोई। अब फिर बारिश नहीं होने से फसल पर खतरा मंडरा रहा है।

वहीं ग्राम मधूरी के किसान समरथ पाटीदार का कहना है कि काली मिट्टी वाले खेतों में अभी कुछ नमी बनी हुई है, लेकिन पथरीले क्षेत्रों के खेत तेजी से सूख रहे हैं। यदि अगले चार-पांच दिनों में बारिश नहीं हुई तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

कृषि विभाग की सलाह

उप संचालक कृषि भीखा वास्के ने बताया कि अधिकांश खेतों में अभी नमी बनी हुई है। किसानों को खेतों में डोरा चलाने तथा खरपतवार नियंत्रण के लिए आवश्यक दवाओं का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। हालांकि अच्छी बारिश की आवश्यकता बनी हुई है।

31 जुलाई तक कराएं फसल बीमा

कृषि विभाग ने बताया कि अलनीनो की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा 31 जुलाई तक कराया जा सकता है। विभाग ने किसानों से समय रहते बीमा करवाकर संभावित नुकसान से सुरक्षा लेने की अपील की है।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.