भवन निर्माण अनुमति के नाम पर रिश्वत : ग्राम पंचायत कनेरी का सचिव 4500 रुपये लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा
बताया गया कि सचिव ने फरियादी को अपने तेजा नगर स्थित निवास पर पैसे लेकर बुलाया था, जहां घर में ही एक अलग कमरे में कार्यालय बना रखा था। जैसे ही फरियादी ने रुपये दिए, लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने सोमवार रात में कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत कनेरी के सचिव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। सचिव भवन निर्माण की अनुमति और नामांतरण कराने के बदले आवेदक से रिश्वत की मांग कर रहा था।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार रतलाम निवासी प्रेम जैसवार ने एसपी लोकायुक्त उज्जैन को शिकायत की थी कि उन्होंने मां विंध्यवासिनी ड्रीम सिटी कॉलोनी में दो भूखंड खरीदे हैं। इनमें से भूखंड क्रमांक बी-41 पर भवन निर्माण की अनुमति और भूखंड क्रमांक 96 का ग्राम पंचायत में नामांतरण कराने के लिए ग्राम पंचायत कनेरी के सचिव सत्यनारायण सेन उनसे पांच हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे।
शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने 23 फरवरी को तस्दीक की और ट्रैप की योजना बनाई। इसके बाद सोमवार को कार्रवाई करते हुए आवेदक से 4500 रुपये की रिश्वत लेते समय सचिव सत्यनारायण सेन को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
बताया गया कि सचिव ने फरियादी को अपने तेजा नगर स्थित निवास पर पैसे लेकर बुलाया था, जहां घर में ही एक अलग कमरे में कार्यालय बना रखा था। जैसे ही फरियादी ने रुपये दिए, लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान आरोपी सचिव के हाथ केमिकल से धुलवाए गए, जिसमें हाथों से गुलाबी रंग निकल आया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
लोकायुक्त ने आरोपी सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई में लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद पटेल, निरीक्षक हीना डावर, आरक्षक श्याम शर्मा, आरक्षक संजीव कुमारिया, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत और आरक्षक इसरार की भूमिका रही।
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