आवासीय फ्लैट में संचालित नर्सिंग होम पर भाजपा पार्षद सचेतक ने उठाए सवाल : नामांतरण निरस्त करने की मांग
शिकायत में कामरेड ने आरोप लगाया है कि योजना क्रमांक-44 के भूखंड क्रमांक 124 एवं 125 पर निर्मित आवासीय फ्लैटों में पिछले कई वर्षों से शाह नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा है।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) भारतीय जनता पार्टी के पार्षद सचेतक एवं पार्षद हितेश कामरेड ने वार्ड क्रमांक 14 स्थित नगर सुधार न्यास की योजना क्रमांक-44, काटजू नगर में आवासीय फ्लैटों में संचालित शाह नर्सिंग होम के नामांतरण को निरस्त करने तथा नियम विरुद्ध उपयोग के मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए नगर निगम आयुक्त अनिल भाना को शिकायत सौंपी है।
शिकायत में कामरेड ने आरोप लगाया है कि योजना क्रमांक-44 के भूखंड क्रमांक 124 एवं 125 पर निर्मित आवासीय फ्लैटों में पिछले कई वर्षों से शाह नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में इन भूखंडों का नामांतरण नियमों के विपरीत किया गया, जबकि संबंधित संपत्ति का उपयोग आवासीय के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
कामरेड ने आरोप लगाया कि नगर निगम की विकास शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत तथा भ्रष्टाचार के कारण नामांतरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को नियमों का हवाला देकर विभिन्न कार्यों में बाधाएं खड़ी की जाती हैं, लेकिन इस मामले में आवासीय फ्लैटों में नर्सिंग होम संचालन के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि संबंधित फ्लैटों की लीज अवधि बढ़ाने एवं नामांतरण की प्रक्रिया किस नियम के तहत की गई। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि यदि किसी भूखंड के उपयोग या स्वरूप में परिवर्तन किया जाता है तो सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होती है, लेकिन इस प्रकरण में ऐसी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
कामरेड ने निगम को आर्थिक नुकसान होने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि संबंधित संपत्तियों पर आवासीय दरों से संपत्तिकर जमा किया जा रहा है, जबकि उनका उपयोग व्यावसायिक रूप से किया जा रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि नर्सिंग होम संचालन नियमों के विपरीत है तो अब तक निगम द्वारा कितनी बार नोटिस जारी किए गए और क्या कार्रवाई की गई।
भाजपा पार्षद सचेतक ने नगर निगम आयुक्त से मांग की है कि संबंधित भूखंडों के नामांतरण की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए, पूर्व में किए गए नामांतरण को निरस्त किया जाए तथा संपत्तियों को उनके मूल आवासीय स्वरूप में लाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही पट्टे की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर आवंटन निरस्त करने और नियमों के विरुद्ध नामांतरण करने वाले संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की है।
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