नगर निगम में बेलगाम अफसरशाही : लेखाधिकारी विकास सोलंकी ने उपायुक्त के अधिकार से किया आदेश जारी : लोकायुक्त में दर्ज है सोलंकी के खिलाफ अमानत में ख़यानत का मामला : निगम आयुक्त कर रहे परिषद के निर्णय की अवेहलना
निगम के द्वारा पारित निर्णय की सरेआम अवहेलना कर जनप्रतिनिधियों के निर्णयों पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे है जो कि लोकतंत्र की दृष्टि से किसी भी दृष्टि से उचित नहीं होकर अफसरशाही के हावी होने का संकेत है। जो वर्तमान परिस्थिति में घातक है। इस पूरे मामले को नगर निगम में सचेतक भाजपा पार्षद हितेश कामरेड ने गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर और कमिश्नर को शिकायत दर्ज की है
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) रतलाम नगर निगम में कमिश्नर हिमांशु भट्ट की जनप्रतिनिधियों को अवेहलना करने की आदत अब अफसरशाही और भाजपा की परिषद के बीच खुल कर टकराव होने लगा है। कमिश्नर लगातार भ्रष्ट अधिकारी को संरक्षण दे रहे हैं और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा अब भाजपा की छवि को भी खराब करने लगी है।
मामला अमानत में ख़यानत के लोकायुक्त में भ्रष्ट अधिकारी विकास सोलंकी को परिषद में अविश्वास प्रस्ताव के बाद भी कमिश्नर ने महत्पूर्ण पद दे दिया। सोलंकी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगातार लगते रहे हैं पर उन पर किसका वरदहस्त किसके कारण जनप्रतिनिधियों की भी अवेहलना करना अधिकारियों को रास आ रहा हे।
हालत तो यह हे कि लेखाधिकारी होते हुआ विकास सोलंकी द्वारा उपायुक्त नगर पालिक निगम के अधिकार से हस्ताक्षर कर आदेश जारी किया गया है। इस प्रकार लेखाधिकारी अनाधिकृत रूप से उपायुक्त के पद का दुरूपयोग किया जाना गंभीर बात है ।
07/03/2024 को आयोजित निगम सम्मलेन में विकास सोलंकी तत्कालीन उपायुक्त की कार्यशैली के प्रति अविश्वास प्रस्ताव निगम परिषद् द्वारा पारित किया गया था। जिसके पश्चात् लेखा विभाग को छोडकर अन्य समस्त विभागों के प्रभार से इन्हें कार्य मुक्त कर दिया गया था।
कमिश्नर द्वारा निगम के अविश्वास प्रस्ताव को नजरअंदाज कर विकास सोलंकी को लेखा विभाग के अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा पेंशन विभाग/एनयुएलएम विभाग के प्रभार दिये गये है जो कि निगम द्वारा लिये गये निर्णय की स्पष्ट रूप अवहेलना है। वर्तमान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन विभाग के कार्यालय आदेश क्रमांक/117/2/सा.सु. पेंशन शाखा / 2025 रतलाम दिनांक 23/04/2025 में विकास सोलंकी- लेखाधिकारी द्वारा उपायुक्त नगर पालिक निगम के अधिकार से हस्ताक्षर कर आदेश जारी किया गया है। इस प्रकार लेखाधिकारी अनाधिकृत रूप से उपायुक्त के पद का दुरूपयोग किया जाना दर्शित है।
उक्त स्थिति से स्पष्ट है कि सोलंकी के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित किये जाने की एक वर्ष से अधिक समयावधि पूर्ण हो जाने के पश्चात् भी कमिश्नर और विकास सोलंकी निगम के द्वारा पारित निर्णय की सरेआम अवहेलना कर जनप्रतिनिधियों के निर्णयों पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे है जो कि लोकतंत्र की दृष्टि से किसी भी दृष्टि से उचित नहीं होकर अफसरशाही के हावी होने का संकेत है। जो वर्तमान परिस्थिति में घातक है।
इस पूरे मामले को नगर निगम में सचेतक भाजपा पार्षद हितेश कामरेड ने गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर और कमिश्नर को शिकायत दर्ज की है ।
अपनी शिकायत में कामरेड ने कहा कि उक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए एवं सोलंकी द्वारा किये गये अवैधानिक कार्य हेतु इनके विरूद्ध कठोरतम अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायें।
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