“यह एक्सीडेंट नहीं हत्या है” : रीवा घटना पर जैन समाज का आक्रोश : मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन : दोषियों पर लगे हत्या का केस
अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव को सौंपे गए ज्ञापन में समाजजनों ने घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे “सुनियोजित हत्या” बताया। वक्ताओं ने आरोपियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) रीवा में जैन साध्वियों को कार से कुचलने की घटना को लेकर रतलाम में जैन समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। श्री सकल जैन श्री संघ के नेतृत्व में समाजजनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और विहाररत जैन संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव को सौंपे गए ज्ञापन में समाजजनों ने घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे “सुनियोजित हत्या” बताया। वक्ताओं ने आरोपियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
सुबह 11 बजे सकल जैन श्री संघ, समग्र जैन समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में समाजजन कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शन कर संतों की सुरक्षा को लेकर नाराजगी जताई गई। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जैन साधु-संत निहत्थे, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज को शांति, संयम और अहिंसा का संदेश देते हैं। ऐसे संतों के साथ लगातार हो रही दुर्घटनाएं और हमले बेहद चिंताजनक हैं।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
घटना की SIT अथवा न्यायिक जांच कराई जाए
CCTV फुटेज, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं
दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए
षड्यंत्र के तथ्य मिलने पर सख्त धाराएं लगाई जाएं
संत सुरक्षा प्रोटोकॉल तत्काल लागू किया जाए
पैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गाइडलाइन और SOP बनाई जाए
विहार मार्गों पर पुलिस समन्वय, ट्रैफिक नियंत्रण और चेतावनी संकेत लगाए जाएं
रात्रि विश्राम के लिए शासकीय स्कूल और पंचायत भवन उपलब्ध कराने के निर्देश जारी हों
समाजजनों ने चेतावनी दी कि यदि संतों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आगे व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
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