कनेरी जलाशय के पानी पर प्रावधान के तहत सर्व प्रथम हक रतलाम का,उसे औद्योगिक निवेश क्षेत्र में क्यों दिया जा रहा है - पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी

पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व की सरकार में मेरे वन मंत्री काल में कनेरी जलाशय योजना सिंचाई के साथ रतलाम नगर की पेयजल पूर्ति और औद्योगिक विकास के लिए पानी की आपूर्ति का ध्यान में रखकर सरकार द्वारा योजना स्वीकृत की गई थी। उस वक्त भी माही नदी से पानी की लागत अत्यधिक थी इसलिए कनेरी जलाशय योजना के माध्यम से आगामी 25 वर्षों हेतु रतलाम की पेयजल एवं सिंचाई की आवयश्कता देखते हुए ही स्वीकृत की गई थी।

Feb 13, 2025 - 17:20
Feb 13, 2025 - 17:31
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कनेरी जलाशय के पानी पर प्रावधान के तहत सर्व प्रथम हक रतलाम का,उसे औद्योगिक निवेश क्षेत्र में क्यों दिया जा रहा है - पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) मप्र के पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने कनेरी जलाशय का पानी औद्योगिक निवेश क्षेत्र में ले जाना और रतलाम शहर की जनता को इस योजन के पानी से वंचित करना शहर हित में नहीं है। कनेरी जलाशय का जल रतलाम शहर और यहां के रहवासी को पहले मिलना चाहिए । इसी उद्देश्य के इस योजना को स्वीकृत करवाया था।

पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व की सरकार में मेरे वन मंत्री काल में कनेरी जलाशय योजना सिंचाई के साथ रतलाम नगर की पेयजल पूर्ति और औद्योगिक विकास के लिए पानी की आपूर्ति का ध्यान में रखकर सरकार द्वारा योजना स्वीकृत की गई थी।

 उस वक्त भी माही नदी से पानी की लागत अत्यधिक थी इसलिए कनेरी जलाशय योजना के माध्यम से आगामी 25 वर्षों हेतु रतलाम की पेयजल एवं सिंचाई की आवयश्कता देखते हुए ही स्वीकृत की गई थी।

उक्त योजना की स्वीकृत में यह प्रावधान किया गया था कि रतलाम शहर के रहवासी हेतु पेयजल और शहर में औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों की आपूर्ति हेतु जल के लिए 80 लाख गैलन पानी दिया जाएगा । पता चला है कि अब वर्तमान में यह पानी रतलाम शहर को नहीं बल्कि निवेश क्षेत्र को दिया जाएगा और शहर के पेयजल और उद्योग के लिए नर्मदा का पानी लाया जायेगा।

जबकि पहले यह बताया गया था कि औद्योगिक निवेश क्षेत्र में पानी की आपूर्ति माही नदी के माध्यम से की जाएगी , उसे योजना को क्यों नहीं क्रियान्वित किया जा रहा है और कनेरी जलाशय का पानी प्रावधान के तहत सर्व प्रथम रतलाम का हक है उसे औद्योगिक निवेश क्षेत्र में क्यों दिया जा रहा है ? 

हम निवेश क्षेत्र या उसके विकास के पक्षधर है परन्तु रतलाम शहर और यहां के रहवासी के लिए पहले से किए गए प्रावधान के तहत कनेरी जलाशय का पानी निवेश क्षेत्र में ले जाना रतलाम शहर की जनता के हित में नहीं है। 

नर्मदा के पानी को लाने की योजना संबंध में कही कोई जानकारी नहीं है कि कब, कैसे और किस योजना के तहत यह पानी लाया जा रहा है ?

 इस वर्ष के बजट में भी अब तक इस योजना के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है ? मेरा अनुरोध है कि सरकार पहले नर्मदा नदी के जल की रतलाम में लाने की योजना बनाकर वित्तीय स्वीकृति की जावे ।

यदि नर्मदा के पानी को रतलाम शहर के समग्र विकास के लिए लाए जाने का कोई प्रस्ताव या कार्य योजना है तो उसे जनता के समक्ष बताना चाहिए। और जब तक नर्मदा का जल रतलाम नहीं आता कनेरी जलाशय से रतलाम शहर के लिए जितने पानी का प्रावधान किया गया है उतना पानी दिया जाना चाहिए ।

रतलाम में आज भी गर्मियों में जल संकट रहता है। दो दिन में एक बार पेयजल प्रदाय हो रहा है। कई कॉलोनी में आज भी पानी की आपूर्ति बोरिंग या टैंकर के माध्यम से ही होती है।

 रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र को भी पानी की आवश्यकता है । इन बातों को देखते हुए नर्मदा के जल को लाने की योजना की क्या स्थिति है उसे जनता को बताना चाहिए और तब तक कनेरी से रतलाम को पानी मिलना चाहिए

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.