रतलाम : सैलाना में सिस्टम की शर्मनाक तस्वीर : आदिवासी छात्रावास में बदइंतजामी से परेशान छात्रों का सैलाना से रतलाम पैदल मार्च : बच्चों की पैदल मार्च की खबर सुनकर डेलनपुर पहुंचे रतलाम- कलेक्टर राजेश बाथम और जिला पंचायत सीईओ श्रृंगार श्रीवास्तव
बच्चों के पैदल मार्च की खबर सुनकर रतलाम कलेक्टर भी घबरा गए और वह जिला पंचायत सीईओ के साथ मिलकर दौड़े दौड़े इन बच्चों से मिलने पहुंचे । और डेलनपुर गांव के पास पहुंचकर रोड के बगल में ही जाजम लगा लिया
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) रतलाम के सैलाना से सिस्टम की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां सरकारी आदिवासी हॉस्टल में बदइंतजामी में से परेशान छात्रों ने जिम्मेदारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
ये छात्र पैदल ही मार्च निकालकर रतलाम कलेक्टर से मिलने १६ किलोमीटर पैदल निकल पड़े। रास्ते में अधिकारियों ने बार-बार समझाया लेकिन छात्र टस से मस नहीं हुए । और रतलाम सीमा में पहुंचकर ही दम लिया।
बच्चों के पैदल मार्च की खबर सुनकर रतलाम कलेक्टर भी घबरा गए और वह जिला पंचायत सीईओ के साथ मिलकर दौड़े दौड़े इन बच्चों से मिलने पहुंचे । और डेलनपुर गांव के पास पहुंचकर रोड के बगल में ही जाजम लगा लिया।
करीब आधा घंटा तक कलेक्टर ने बच्चों की सारी परेशानियां सुनी। भोजन से लेकर ड्रेस और खस्ता हाल बाथरूम से लेकर भ्रष्टाचार तक की शिकायत बच्चों ने रतलाम कलेक्टर से की जिसके बाद कलेक्टर ने जल्द ही सभी समस्याओं का निराकरण करने का आदेश दिया जिस पर यह बच्चे मान गए ।
कलेक्टर ने बस से पहुंचाया वापस
अंत में चर्चा के बाद कलेक्टर ने बस से उन्हें वापस पहुंचाने के निर्देश दिए इसके बाद बस की व्यवस्था करके सभी बच्चों को छात्रावास रवाना किया गया कलेक्टर ने उन्हें उचित नाश्ता और भोजन आदि करवाने के भी निर्देश दिए।
बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर क्यों बच्चों को पैदल रतलाम तक आना पड़ा । खबर है कि इसके पहले भी सैलाना के एकलव्य छात्रावास में बदहाली की खबरें सामने आती रही है , लेकिन आदिवासी विभाग के जिम्मेदार कान में तेल डालकर बैठे हैं मानो कुछ हुआ ही नहीं।
यही वजह है कि सिस्टम को जगाने के लिए छात्रों को पैदल रतलाम तक निकलना पड़ा । आगे आगे छात्र चल रहे थे और पीछे प्रशासन के अधिकारियों की गाड़ियां दौड़ रही थी , लेकिन छात्र नहीं माने और कलेक्टर को जगाकर ही दम लिया।
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