ई-स्कूटर की आग ने छीनी मां-बेटी की जिंदगी : माणक चौक चौराहे पर शव रखकर दिया धरना : स्कूटर कंपनी ने दिया 10 लाख का मुआवजा

बिंदुकुंवर की मौत की सूचना के बाद आक्रोशित समाजजन और करणी सेना के कार्यकर्ता माणक चौक पहुंचे और एंबुलेंस में रखे शव के साथ धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने ई-स्कूटर कंपनी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।

Sep 6, 2026 - 19:45
 0
ई-स्कूटर की आग ने छीनी मां-बेटी की जिंदगी : माणक चौक चौराहे पर शव रखकर दिया धरना : स्कूटर कंपनी ने दिया 10 लाख का मुआवजा

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) 18 अगस्त की रात विंध्यवासिनी क्षेत्र स्थित एक घर के हॉल में रखे वॉरिवो कंपनी के ई-स्कूटर में अचानक लगी आग ने एक ही परिवार की मां-बेटी की जान ले ली। हादसे में गंभीर रूप से झुलसी 16 वर्षीय अंतिमकुंवर की मौत के दो दिन बाद उसकी मां बिंदुकुंवर भाटी (36) ने भी इंदौर के एमवाय अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों करीब 13 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रहीं।

घटना 18 अगस्त की रात की है। घर के हॉल में बिंदुकुंवर भाटी और उनकी छोटी बेटी अंतिमकुंवर सो रही थीं। इसी दौरान हॉल में रखे ई-स्कूटर में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गई थीं। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां लंबे इलाज के बावजूद पहले अंतिमकुंवर और उसके दो दिन बाद उसकी मां बिंदुकुंवर की मौत हो गई।

मामले में पुलिस ने बिंदुकुंवर भाटी की मौत के बाद ई-स्कूटर कंपनी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस की कार्रवाई हादसे के करीब 15 दिन बाद हुई।

माणक चौक पर शव रखकर धरना

बिंदुकुंवर की मौत की सूचना के बाद आक्रोशित समाजजन और करणी सेना के कार्यकर्ता माणक चौक पहुंचे और एंबुलेंस में रखे शव के साथ धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने ई-स्कूटर कंपनी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान समाजजन की मांग थी कि ई-स्कूटर संचालक के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया जाए। स्थिति को देखते हुए मौके पर आला अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

कंपनी ने दिए 10 लाख रुपये

मामले को लेकर अधिकारियों ने ई-स्कूटर संचालक से चर्चा की। इसके बाद कंपनी की ओर से मृतका की बड़ी बेटी को 8 लाख रुपये का चेक और 2 लाख रुपये नकद, यानी कुल 10 लाख रुपये दिए गए। बताया गया कि इससे पहले कंपनी द्वारा मां-बेटी के इलाज के लिए 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा चुकी थी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.